कोरबा होटल, लॉज, फेरी वाले, किराएदार और संदिग्ध व्यक्तियों की हुई सघन जांच







* फेरी करने वाले, किराएदारों के कागजातों के आधार पर उनके बारे में ली गयी जानकारी
*किराएदारों के सत्यापन हेतु कोरबा पुलिस चला रही विशेष अभियान
* विगत एक सप्ताह में 1137 लोगों का SS रोल एवं 20 BC रोल जारी कर 478 मुसाफिरी की दर्ज
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा एवं नेहा वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना/चौकी क्षेत्र अंतर्गत होटल, लॉज, फेरी वाले, किराएदार और संदिग्ध व्यक्तियों के लिये सघन जांच अभियान चलाया गया।
पुलिस दल के द्वारा होटल, लॉज में रुकने वाले व्यक्तियों की सूची बनाकर थाने में विद्वत तरीके से देने और अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति होटल, लॉज में रुका हो उसकी जानकारी भी तुरंत नजदीकी थाने में देने निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस टीम के द्वारा संदिग्धों और मुसाफिरों की जांच को लेकर क्षेत्र में घूम-घूम कर सामानों की फेरी करने वाले, सडक किनारे जड़ी-बूटी, कपड़े, खिलौने बेचने वाले तथा गैस-चूल्हा आदि रिपेयर करने वालों को पुलिस थाना में तलब कर उनके वास्तविक पते, वर्तमान गतिविधियों तथा मुसाफिरी दर्ज कराने संबंधित जानकारी ली गयी। कुछ फेरीवालों ने थाने में मुसाफिरी दर्ज नहीं कराये थे उन्हें फटकार लगा कर उनका मुसाफिरी दर्ज किया गया। कोरबा पुलिस के द्वारा 478 लोगों की मुसाफरी जांच की गयी जिसमे संदिग्ध अजनबी (SS roll) के तहत 1137 लोगों की जांच की गयी, कदाचारी (BC roll) के तहत 20 लोगों की जांच हुई।
मकानों में रहने वाले मकान मालिकों/किराएदारों का सत्यापन किया गया और किराएदारों की सूची तैयार की गई। सत्यापन कार्य में लगे पुलिस के द्वारा किराएदारों के आईडी लेकर जांच की गयीऔर उनके कामकाज की जानकारी ले उन्हें अवैधानिक गतिविधियों से दूर रहने की समझाइशदी गयी। पुलिस दल ने कहा की “यह मकान मालिक की व्यक्तिगत जवाबदारी है कि वह थाने में किराएदार की सूचना दें।” उन्होंने मकान मालिकों को हिदायत देते हुए कहा की “वे मकान किराये पर देने से पूर्व अनिवार्य रूप से किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराये ,अगर कोई मकान मालिक नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है।
थाने में पुलिस टीम के द्वारा पार्षदों एवं ठेकेदारों की बैठक ली गयी जिसमें पार्षदों को बताया गया कि आपके क्षेत्र में मकान मालिक के घर पर किराएदार रखना पर उसका सत्यापन आवश्यक रूप से करवा ले एवं संदिग्ध लोग दिखे तो उसके बारे में पुलिस टीम को सूचित करे, बैठक में ठेकेदारों को बताया गया कि आप अपने अंदर मजदूरों को काम पर रखने से पहले उनकी जांच-पड़ताल कर ले अगर कोई संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।





