कोरबा प्रबंधन के साथ सहमति बनने पर खदान बंद करने का प्रस्ताव किया गया निरस्त


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गेवरा खदान-ऊर्जाधानी संगठन की कोयला उत्पादन रोकने थी तैयारी
कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति संगठन ने एसईसीएल गेवरा खदान का कोयला उत्पादन व परिवहन बाधित करने की तैयारी थी मगर ऐन वक्त पर आंदोलन से ठीक पहले एरिया प्रबंधन ने आंदोलनकारियों को चर्चा के लिए बुला लिया। एरिया जीएम एस.के. मोहंती की उपस्थिति में बैठक हुई घंटे भर चली बैठक में खदान के नियोजित कंपनियों में माइंस प्रभावित गांवों के युवाओं को काम पर रखने मांग की। इस पर प्रबंधन की ओर से 5 दिनों की मोहलत मांगी गई तो युवाओं की सूची सौंपने के बाद आंदोलन कुछ दिन के लिए स्थगित करने पर भू-विस्थापित राजी हो गए।
जानकारी के अनुसार एसईसीएल गेवरा खदान में कोयला उत्पादन व परिवहन ठप्प करने की चेतावनी दी थी। ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले माइंस प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवाओं द्वारा आंदोलन किया जाना था। एसईसीएल एरिया प्रबंधन ने भू-विस्थापितों को चर्चा के लिए बुलाया इस पर सभी एरिया जीएम दफ्तर के सभाकक्ष पहुंचे जहां पर घंटेभर की बातचीत में नियोजित कंपनियों में युवाओं को काम पर रखने की मांग को प्रमुखता से रखा। समिति के रुद्रदास महंत, ललित महिलांगे, संतोष चौहान, प्रकाश कोर्राम, संतोष दास महंत ने बताया कि प्रबंधन के साथ भू-विस्थापितों की सकारात्मक चर्चा हुई है। 5 दिनों का समय मांगे जाने पर भी भू-विस्थापितों ने सहमति जता दी, इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। माइंस प्रभावित गांवों के युवाओं की सूची प्रबंधन को सौंप दी गई है उन्होंने आगे कहा कि इस समय अवधि पर प्रबंधन सार्थक पहल नहीं कर पाती है तो फिर से गेवरा के कोयला खदान में उतरेंगे।
चर्चा में रामाधार यादव, नरेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, गुरुदत्त मेश्राम, विनोद चौहान, समारु दास, रविदास, दीपक दास,अर्जुन दास, राजन सिंह, अशोक कुमार, शंभू बेहरा, ईश्वर सिंह, देवनारायण साहू, शैलेंद्र सिंह, महावीर साहू, नरेंद्र मानिकपुरी, अश्वनी कुमार, तिरिथराम, फूलेन्द्र सिंह, हरिहर साहू, मोहनलाल यादव, भरत लाल यादव, नंदकुमार, फुल दास, प्यारेलाल, प्रीतम दास, प्रियांशु सोनी, तिलक कुमार, प्रमोद कुमार कश्यप, रवि चंद्रा, अमर दास, जीवराखन यादव सहित अनेक भू-विस्थापित बेरोजगार उपस्थित रहे।

