February 12, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के


कोरबा जिले में हाथियों के विचरण करने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हैं। आलम यह है कि ठिठुरती रात में लोगों को अपनी जान बचाने रतजगा करना पड़ रहा हैं । वन अमला भी पूरी रात हाथियों की निगरानी में लगा रहता हैं। भारी संख्या में हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों के साथ-साथ वन अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी हैं।
कोरबा जिले में कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में 59 हाथी अब अलग-अलग चार झुंड में बंट गए हैं, वहीं दंतैल हाथी इस झुंड से अलग मोरगा के जंगल में घूम रहा हैं। वन अमले को हाथियों की निगरानी में परेशानी हो रही हैं। मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल जाने से मना किया गया हैं। गांव में हाथियों के प्रवेश के डर से ग्रामीण रतजगा करने मजबूर हैं। केंदई रेंज में पहुंचे 59 हाथियों का दल अब 4 झुंड में बंट गया है। इसी रेंज की सीमा कोईलारगडरा, लालपुर, घुचापुर, सलाईगोट, परला के आसपास के जंगल में हाथियों विचरणरत हैं। ग्रामीणों को सबसे अधिक खतरा दंतैल हाथी से है जो झुंड से अलग घूम रहा हैं। मोरगा के जंगल में दंतैल हाथी को देखा गया। केंदई रेंज के हाथी प्रभावित गांवों में मुनादी करा दी गई है। ग्रामीणों को जंगल जाने से मना किया गया है। वनांचल में ठंड बढ़ गई है। इससे रतजगा कर रहे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
केंदई रेंज में अलग-अलग झुंड में हाथियों के विचरण से जंगल से लगे हाथी सिमकेंदा के जंगल में घूम रहा 37 हाथियों का दल कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज में 37 हाथियों का दल घूम रहा हैं। हाथियों के झुंड में होने से वन अमले को निगरानी में परेशानी नहीं हो रही है। बुधवार को सिमकेंदा के जंगल में हाथियों का विचरण रहा, जिसके श्यांग की बढऩे पर आसपास गांवों के प्रभावित ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। धान की कटाई के बाद फसल को किसानों ने खलिहान में रखा है, इससे हाथी गांव में प्रवेश न करें इसके लिए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं।

 

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.