March 9, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के


कोरबा  तकरीबन हर साल पर्व के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान जानलेवा हादसे सामने आते हैं। विसर्जन स्थल पर उत्साह कब उन्माद में बन जाता है और खुशियों के पल दुख में बदल जाते हैं, लोग समझ ही नहीं पाते। देवी-देवताओं की विदाई के हर्ष के बीच किसी के घर की खुशियों पर अचानक ग्रहण लग जाता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने की दिशा में प्रयास ने एक नए विचार को जन्म दिया।
इसी कड़ी में दो प्रतिभावान छात्राओं ने विज्ञान और अभियांत्रिकी की युक्ति आजमाते हुए न केवल एक उपकरण की रूपरेखा तैयार की, चलित मॉडल से उपयोग को प्रायोगिक भी सिद्ध किया। छात्राओं ने अपने उपकरण के इस मॉडल का नाम रोटेटिंग प्लेटफार्म टू सेव लाइफ रखा है। यानी एक ऐसा चलित प्लेटफार्म, जो जीवन की रक्षा के उद्देश्य से कार्य करता है। अपने इस उपकरण के संबंध में निकिता व ख्याति ने बताया कि उन्होंने इसके लिए एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया है, जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक सामग्री ले जाने वाले कन्वेयर बेल्ट की तरह कार्य करता है। यह स्ट्रेचर प्लेटफार्म पर घूमता रहता है और एक क्रेन से जुड़ा हुआ है। क्रेन की मदद से हम विसर्जन स्थल पर आई मूर्ति को प्लेटफार्म पर रखेंगे। यह प्लेटफार्म को बढ़ाकर किसी नदी या नहर के उस प्रवाह के ऊपर तक ले जाया जा सकता है। फिर उसे शुरू करने पर मूर्तियां स्वयं आगे बढ़ते हुए एक-एक कर गहरे प्रवाह में विसर्जित हो जाएंगी। इसके लिए लोगों को गहरे पानी में उतरने का खतरा उठने की जरूरत ही नहीं है।
इसे केवल विसर्जन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तैयार किया गया है, जिसे विभिन्न घाटों मे लगाने से दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं। इस जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बतौर निर्णायक उपस्थित रहे शासकीय ईवीपीजी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र डॉ. संदीप शुक्ला व शासकीय कॉलेज दीपका में सहायक प्राध्यापक भौतिकशास्त्र डॉ. जयचंद देवांगन ने भी काफी पसंद किया है। अब यह मॉडल अगले माह आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धा में प्रदर्शित किया जाएगा।

 

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