January 21, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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मंडरा रहा सूखे पेड़ों के गिरने का खतरा
कोरबा अंचल अंतर्गत घंटाघर से लेकर कोसाबाड़ी व रिस्दी चौक तक पुराने दर्जनों पेड़ सूख कर जर्जर हो चुके हैं। इन पेड़ो में सरई के पेड़ अधिक हैं। सडक़ से लगे इस तरह के पेड़ कभी भी मार्ग में गिर कर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। शहर में सडक़ किनारे सूख चुके पेड़ों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
पेड़ों की कटाई नहीं किए जाने से वह कभी भी धराशाई हो सकते हैं। जिला मेडिकल कालेज अस्पताल के प्रवेश द्वार के किनारे सूखे पेड़ दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। ढहने के कगार पर आ चुका पेड़ मरीज व परिजनों के खतरे का सबब बना हुआ है। सडक़ से लगे इस तरह के पेड़ कभी भी मार्ग में गिर सकते हैं। चूंकि इस मार्ग में आम लोगों का आवागमन के साथ वाहनों की कतार भी लगी रहती है। कोसाबाड़ी चौक में सडक़ से लगा पुराना सरई का पेड़ लंबे समय से सूख कर जर्जर हो गया है। पेड़ की डाल टूट-टूट कर गिर रहे हैं। इसी तरह सियान सदन के निकट भी एक पेड़ सूख चुका है। विद्युत तार में रोड़ा आने के मद्देनजर समय-समय पर हरे-भरे पेड़ों की साख की कटाई की जाती है। इसी तरह सडक़ चौड़ीकरण के लिए भी विगत वर्षों में कई पेडों को काटा जा चुका है। सूखे पेड़ों की कटाई नहीं किए जाने के कारण वे कभी भी धराशाई हो सकते हैं। सूखे पेड़ केवल कोसाबाड़ी मार्ग में ही नहीं बल्कि सीतामढ़ी मार्ग में भी स्थित है। जिन स्थानों में कटे पेड़ों की जगह नए पौधे रोपे जा सकते थे वहां व्यवसाइयों ने सामान रखने के लिए अतिक्रमण कर रखा है। सूखे पेड़ रिसदी मार्ग चौक में भी है। जहां से छोटे दोपहिया व भारी वाहनों का आवागमन जारी रहता है। बारिश की मार से जर्जर हो चुके ये पेड़ हवा के झोंके से कभी भी गिर सकते हैं। अकस्मात पेड़ के गिरने से न केवल जन हानि हो सकती है, बल्कि विद्युत तार भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।

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