January 21, 2026

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माध्यमिक शिक्षा मंडल ने निर्धारित दंड के प्रावधान में किया बदलाव
कोरबा  बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका जांचने में किसी तरह की लापरवाही न हो इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नियम कानून बनाए हैं। हर परीक्षार्थी का पर्चा पूरी गंभीरता से जांचा जाए, इसे लेकर निर्धारित दंड का प्रावधान भी किया गया है, ताकि चेकिंग में किसी तरह की लापरवाही न हो। अब माध्यमिक शिक्षा मंडल ने निर्धारित दंड के प्रावधान में कुछ बदलाव किए हैं।
10वीं-12वीं सीजी बोर्ड की कापियां जांचने में गंभीर लापरवाही बरतने वाले शिक्षक अब हमेशा के लिए मूल्यांकन कार्य से बाहर नहीं होंगे। इन्हें 5 साल तक मूल्यांकन कार्य से बाहर किया जाएगा। दरअसल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से लापरवाही बरतने के लिए निर्धारित दंड के प्रावधान में बदलाव किया है। यह मुख्य परीक्षा 2022-23 से लागू हो गया है। यानी इस बार लापरवाही बरतने वाले मूल्यांकनकर्ताओं पर जो कार्रवाई होगी, नए आदेश के अनुसार होगी।
बोर्ड की कॉपियां जांचने में लापरवाही को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। इसके अनुसार मूल्यांकन कर्ताओं पर कार्रवाई होती है। पहली कैटेगरी में जिन शिक्षकों की कॉपियों में रीवैल के बाद 20 से 40 नंबर तक का अंतर आता है, उन पर तीन साल तक बैन लगेगा। वे इस दौरान माशिमं के सभी कार्य से वंचित रहेंगे। यह प्रावधान पहले भी था। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह दूसरी कैटेगरी में जिन शिक्षकों की कापियों में रीवैल के बाद 41 से 49 नंबर का अंतर रहेगा, वे पांच साल तक बोर्ड की कॉपियां नहीं जांच पाएंगे। पहले ऐसे शिक्षकों को तीन साल के लिए बैन किया गया था। तीसरी कैटेगरी में जिन शिक्षकों की कापियों में 50 नंबर से अधिक का अंतर आएगा, उन पर पांच साल का बैन लगेगा। इसके अलावा एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा भी शासन से की जाएगी। पिछली बार तक इस कैटेगरी में आने वाले मूल्यांकनकर्ताओं पर आजीवन बैन लगाया गया था।

 

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