September 3, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

कहीं छत से टपकता पानी तो कहीं उखड़ा सीमेंट-प्लास्टर, छात्राओं के बाथरूम की बदहाल तस्वीर ने बढ़ाई चिंता; मैदान में मवेशी और परिसर में जलभराव—एक महीने का अल्टीमेटम, सुधार नहीं तो आंदोलन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** बांकी मोंगरा/कोरबा बच्चों को बेहतर भविष्य देने का दावा करने वाले सन साइन स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल परिसर के निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीरें यदि शिकायतकर्ताओं के दावों के अनुरूप हैं, तो यह केवल अव्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा गंभीर विषय है।

 

 

मंगलवार को स्थानीय पार्षद, अभिभावक, विश्व हिंदू परिषद कोरबा जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित क्षेत्रवासियों ने स्कूल पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की छत, कक्षाओं, बाथरूम, पेयजल स्थल और मैदान की स्थिति को लेकर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई।
छत से टपकता पानी, उखड़ा सीमेंट—कक्षाएं कितनी सुरक्षित?
वीडियो में दिखाई गई कथित तस्वीरों को लेकर अभिभावकों ने सवाल उठाया कि जिन कमरों में बच्चे रोजाना बैठकर पढ़ते हैं, वहां छत से पानी गिरने, सीपेज और सीमेंट-प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति आखिर क्यों बनी हुई है?
कुछ हिस्सों में छत और दीवारों की हालत देखकर अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। सवाल सीधा है—मरम्मत की जरूरत दिखाई देने के बावजूद यदि व्यवस्था समय पर दुरुस्त नहीं होती, तो किसी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा?

 

 

छात्राओं के बाथरूम की हालत पर भड़का गुस्सा
निरीक्षण के दौरान छात्राओं के बाथरूम की स्थिति भी चर्चा का बड़ा विषय बनी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार एक दरवाजा टूटा हुआ था और दूसरे दरवाजे पर आपत्तिजनक लेखन मिला। बाथरूम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी गंभीर नाराजगी जताई गई।
अभिभावकों का कहना है कि जहां छात्राओं की स्वच्छता, निजता और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, वहां ऐसी स्थिति कैसे बनी रहने दी गई?
पानी जमा, गंदगी और मच्छरों का खतरा
स्कूल परिसर में पेयजल स्थल के आसपास गंदगी तथा कक्षाओं के सामने पानी जमा होने की शिकायत भी सामने आई। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है।
लोगों का सवाल है कि जब स्कूल में रोजाना बच्चे आते हैं, तो सफाई और जलनिकासी जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी आखिर कौन करता है?
स्कूल का मैदान या मवेशियों के घूमने की जगह?
निरीक्षण के दौरान मैदान में मवेशियों के घूमते मिलने की बात भी सामने आई। इससे स्कूल परिसर की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के लिए बने परिसर में बाहरी मवेशियों की मौजूदगी स्कूल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

 

 

शिकायतों के बाद निरीक्षण, अब प्रबंधन को एक महीने की मोहलत
क्षेत्रवासियों के मुताबिक स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के बाद मंगलवार को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने का निर्णय लिया गया। निरीक्षण के बाद उपस्थित प्रिंसिपल के समक्ष समस्याओं को रखा गया और एक महीने के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने का अल्टीमेटम दिया गया।
अमरजीत सिंह ने दो टूक कहा—बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं चलेगा
विश्व हिंदू परिषद कोरबा जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण के दौरान शिकायतों से भी अधिक समस्याएं सामने आने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए। स्कूल प्रबंधन को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर वृहद आंदोलन किया जाएगा।
अब सवाल प्रशासन से—शिकायतों के बावजूद निगरानी क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल अब संबंधित प्रशासनिक विभाग की भूमिका को लेकर है। यदि स्कूल में वास्तव में लंबे समय से छत, सीपेज, स्वच्छता, बाथरूम, जलभराव और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, तो इनकी नियमित जांच और निगरानी क्यों नहीं हुई?
बच्चों से जुड़ी व्यवस्था में लापरवाही पर सिर्फ शिकायत और आश्वासन काफी है या जिम्मेदारी भी तय होगी?
एक महीने की मोहलत अब शुरू हो चुकी है। देखना होगा कि इस अल्टीमेटम के बाद सन साइन स्कूल की तस्वीर बदलती है या फिर बदइंतजामी के खिलाफ क्षेत्रवासियों का आक्रोश सड़क पर उतरता है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.