कोरबा में 4 सितम्बर को गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’—श्री सप्तदेव मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव का 33वां भव्य अध्याय
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बाल लीलाओं की जीवंत झांकियां बनेंगी आकर्षण का केन्द्र, 12 बजे होगा कान्हा का दिव्य जन्म; लड्डू गोपाल सजाओ से लेकर ‘कृष्ण बनो’ प्रतियोगिता तक होंगे विशेष आयोजन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//** कोरबा,2सितम्बर2026
कोरबा की धर्मनगरी एक बार फिर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगने जा रही है। भक्ति, आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बनने के लिए श्री सप्तदेव मंदिर पूरी तरह तैयार है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का 33वां भव्य आयोजन इस वर्ष 4 सितम्बर को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। जन्माष्टमी की रात मंदिर परिसर में ऐसा भक्तिमय वातावरण निर्मित होगा, जहां श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की मनोहारी झांकियां, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक आयोजन और मध्यरात्रि का दिव्य जन्मोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेंगे।
श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दर्शन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कृष्ण की बाल लीलाओं से सजेगा विशाल पंडाल, झांकियों में दिखेगा पूरा बाल स्वरूप
जन्माष्टमी उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और बाल लीलाओं पर आधारित भव्य एवं जीवंत झांकियां होंगी। विशाल पंडालों में तैयार की जा रही इन झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी विभिन्न बाल लीलाओं का मनोहारी दर्शन कराया जाएगा।
झांकियों में कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य अवतरण, माता देवकी और वसुदेव जी का प्रसंग, वसुदेव जी द्वारा नन्हे कान्हा को यमुना पार कर गोकुल पहुंचाना, बकासुर वध, कालिया नाग मर्दन तथा गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा उंगली पर धारण करने जैसे प्रसंगों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इन झांकियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और धर्म एवं लोककल्याण के संदेश से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
नशा मुक्ति का संदेश देगी ब्रह्माकुमारी की विशेष झांकी
इस बार जन्माष्टमी आयोजन में सामाजिक संदेश को भी विशेष स्थान दिया गया है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में नशा मुक्ति अभियान पर आधारित विशेष झांकी तैयार की जा रही है। धार्मिक उत्सव के साथ सामाजिक जागरूकता का यह प्रयास श्रद्धालुओं के बीच विशेष संदेश देगा।
श्रद्धालु इन सभी झांकियों का दर्शन 4 सितम्बर को शाम 4 बजे से रात्रि 1 बजे तक कर सकेंगे।
मंत्री से लेकर जनप्रतिनिधियों तक पहुंचेगा कृष्ण दरबार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर में अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे।
छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, श्री नरेन्द्र देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के मंदिर पहुंचने की संभावना है।
नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती संजू सिंह राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर एवं निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर पहुंचने का आश्वासन दिया है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन एवं नगर निगम की ओर से आवश्यक सहयोग एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
3 सितम्बर को सजेगा लड्डू गोपाल का दरबार
जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व 3 सितम्बर को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक ‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की जाएगी।

बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा, प्रेम और वात्सल्य को समर्पित इस प्रतियोगिता में श्रद्धालु अपने लड्डू गोपाल को आकर्षक रूप में सजाकर सहभागी बन सकेंगे। प्रतियोगिता के लिए मंदिर परिसर में पंजीयन प्रारंभ हो चुका है।
4 सितम्बर को नन्हे कान्हाओं की धमाचौकड़ी—‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’
जन्माष्टमी के दिन बच्चों के लिए विशेष आयोजन रखा गया है। 0 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक ‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’ आयोजित की जाएगी।
नन्हे-मुन्ने बच्चे कान्हा के बाल स्वरूप में सजकर मंदिर परिसर में अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोहेंगे। इस आयोजन के लिए भी मंदिर में पंजीयन प्रारंभ हो चुका है।
इसी अवसर पर शाम 5 बजे विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
रात 8 से 11 बजे तक कृष्ण भजनों से गूंजेगा मंदिर
जन्माष्टमी की शाम जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, श्री सप्तदेव मंदिर का वातावरण भक्ति के रंग में और गहराता जाएगा। रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक श्री शुभम गोयल द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के भजन एवं कीर्तन की भक्तिमय प्रस्तुति दी जाएगी।
भजनों और कीर्तनों से मंदिर परिसर कृष्णमय होगा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबेंगे।
रात 12 बजे होगा इंतजार खत्म—अवतरण लेंगे नंदलाल
जन्माष्टमी उत्सव का सबसे पावन और भावुक क्षण रात्रि 12 बजे आएगा। मध्यरात्रि की बेला में विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव संपन्न कराया जाएगा।
जैसे ही श्रीकृष्ण के जन्म की मंगल बेला आएगी, मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठेगा। घंटियों, जयकारों और भक्तिभाव के बीच भगवान के दिव्य जन्मोत्सव का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति का क्षण होगा।
जन्मोत्सव के पश्चात श्रद्धालुओं को भगवान का प्रसाद वितरित किया जाएगा तथा आयोजन की खुशी में आतिशबाजी भी की जाएगी।
धार्मिक साहित्य और पूजन सामग्री भी मिलेगी
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर स्थित आदर्श सेवा केंद्र में श्रद्धालुओं के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही रामदेव बाबा के आश्रम में निर्मित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तथा गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित धार्मिक एवं आध्यात्मिक पुस्तकें भी उपलब्ध रहेंगी।
इससे श्रद्धालुओं को पूजा सामग्री के साथ धर्म, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्राप्त हो सकेगा।
भक्ति के साथ संस्कार और संस्कृति का संदेश
श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट परिवार का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल पूजा और भक्ति तक सीमित नहीं है। उनका जीवन धर्म, सत्य, कर्म, न्याय, कर्तव्य, प्रेम और लोककल्याण का संदेश देता है।
जन्माष्टमी उत्सव के माध्यम से बच्चों और युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनके जीवन दर्शन और भारतीय सनातन संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
33 वर्षों से आयोजित हो रहा यह जन्माष्टमी उत्सव अब श्री सप्तदेव मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और उमंग का माहौल है।
श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट ने किया श्रद्धालुओं को आमंत्रित
श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट परिवार ने कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के समस्त श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों, युवाओं और बच्चों से 3 एवं 4 सितम्बर को आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।
ट्रस्ट परिवार ने कहा कि आइए, भगवान श्रीकृष्ण के 33वें जन्मोत्सव को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाएं। उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लें और इस पावन अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर बाल गोपाल की मनोहारी झांकियों से लेकर मध्यरात्रि के दिव्य जन्मोत्सव तक का पुण्यदर्शन प्राप्त करें।
जय श्रीकृष्ण!
नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की!







