छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई विकास रफ्तार: कटघोरा-डोंगरगढ़ 295 किमी रेल लाइन पर बनी सहमति, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया ऐतिहासिक कदम
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विस्तार और प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की लंबित रेल परियोजनाओं और रेलवे अधोसंरचना के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) के माध्यम से विकसित करने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी।
करीब 295 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी। इस परियोजना के साकार होने से प्रदेश के अनेक जिलों को सीधी रेल सुविधा मिलने के साथ औद्योगिक, व्यावसायिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल एक रेलवे परियोजना नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार बनेगी। रेल संपर्क बढ़ने से उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, खनिज संपदा का परिवहन अधिक सुगम होगा और पर्यटन को भी नया विस्तार मिलेगा। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों के विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में राज्य की अन्य रेल परियोजनाओं और रेलवे अधोसंरचना को मजबूत करने के विभिन्न विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक रेल सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आधुनिक अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है और आने वाले समय में प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक परियोजना साबित होगी। इसके पूरा होने से लाखों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी तथा छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई रफ्तार प्राप्त होगी।


