वाराणसी की पावन माटी और गंगाजल से गूंजेगा छत्तीसगढ़ में समरसता का संदेश, 31 जुलाई को रायपुर के श्रीराम मंदिर में होगा भव्य कलश पूजन
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संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती पर भाजपा के ‘समरसता संकल्प अभियान’ को मिलेगा नया आयाम, साधु-संतों की मौजूदगी में होगी विशेष पूजा-अर्चना, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे 36 संगठन जिलों को पवित्र कलश प्रदान।
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी से लाए गए पवित्र माटी एवं गंगाजल के कलश का 31 जुलाई को राजधानी रायपुर स्थित श्रीराम मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और साधु-संतों की पावन उपस्थिति में विशेष पूजन किया जाएगा। इस आयोजन को सामाजिक समरसता, सद्भाव और सांस्कृतिक एकात्मता का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं संत रविदास जयंती कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने बताया कि संत रविदास ने अपने जीवन और संदेशों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारे और भेदभावमुक्त व्यवस्था का मार्ग दिखाया। उनकी 650वीं जयंती को केवल उत्सव के रूप में नहीं बल्कि सामाजिक चेतना के महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वाराणसी से पवित्र माटी और जल लेकर निकला भाजपा का प्रतिनिधिमंडल अम्बिकापुर में भव्य स्वागत के बाद विभिन्न स्थानों से होते हुए बिलासपुर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके पश्चात 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे यह पवित्र कलश बंजारी माता मंदिर, रायपुर पहुँचेगा। वहाँ से शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा के रूप में निकलते हुए दोपहर 1 बजे श्रीराम मंदिर पहुँचेगा, जहाँ पूज्य संत-महात्माओं के सान्निध्य में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कलश, वाराणसी की पवित्र माटी एवं गंगाजल का पूजन-अर्चन किया जाएगा।
श्री सोनी ने कहा कि श्रीराम मंदिर में पूजन के बाद यही पवित्र कलश प्रदेश भाजपा के सभी संगठन जिलों में भेजे जाएंगे। इन कलशों के माध्यम से संत रविदास के समरस समाज के संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाया जाएगा, ताकि सामाजिक सद्भाव, समानता और राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण 4 अगस्त को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश के संत-महात्मा, विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि तथा भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के 36 संगठन जिलों के जिलाध्यक्षों को पवित्र कलश सौंपे जाएंगे। इसके बाद प्रदेश के 479 मंडलों में कलश वितरण और पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा ने इस पूरे अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों की जिम्मेदारी प्रदेशभर में समरसता संकल्प अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करना और संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता एवं मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।
भाजपा का मानना है कि वाराणसी की पावन माटी और गंगाजल केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे संत रविदास के उस समरस भारत के संकल्प के भी प्रतीक हैं, जहाँ जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज एकता, सद्भाव और बंधुत्व के सूत्र में बंधा हुआ हो।


