“शिव आराधना रोकने की कांग्रेस में ताकत नहीं : अमित चिमनानी”
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भोरमदेव मंदिर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के धार्मिक अनुष्ठान पर कांग्रेस की टिप्पणी को भाजपा ने बताया सनातन आस्था और करोड़ों शिवभक्तों का अपमान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर, 28 जुलाई भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा कवर्धा स्थित विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में किए गए धार्मिक अनुष्ठान को लेकर कांग्रेस की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस के बयान को सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था और करोड़ों शिवभक्तों की भावनाओं का अपमान बताया।
अमित चिमनानी ने कहा कि “कांग्रेस की इतनी ताकत नहीं कि वह भगवान शिव की आराधना को रोक सके।” उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पूजा-अर्चना भारत की सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। देशभर में करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार अमरनाथ, बद्रीनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने जाते हैं। उसी तरह छत्तीसगढ़ के लोग भी भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की आराधना करते हैं, यह हर नागरिक का धार्मिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को राजनीतिक दृष्टि से देखना और उस पर सवाल उठाना कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच से मुख्यमंत्री के धार्मिक आयोजन पर की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब किसी व्यक्ति का भगवान शिव की पूजा करना भी कांग्रेस के लिए राजनीतिक मुद्दा बन गया है?
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों पर जाने या आयोजनों में शामिल होने पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब कोई हिंदू अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करता है तो उसे लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं। यह मानसिकता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना से धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते हैं। भारतीय संस्कृति में लोककल्याण के लिए पूजा, यज्ञ और धार्मिक परंपराओं का विशेष महत्व रहा है। ऐसे आयोजनों पर अनर्गल टिप्पणी करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक विरोध के लिए धार्मिक आस्थाओं को निशाना बनाने से बचना चाहिए। भाजपा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सनातन मूल्यों के सम्मान के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का अपमान करने वाले बयानों का भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से विरोध करती रहेगी।


