संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ शुरू, 51 हजार स्थानों पर जलेगा समरसता का दीप
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गुरु पूर्णिमा से होगा शुभारंभ, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का बनेगा जनआंदोलन : टंकराम वर्मा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**रायपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में “समरसता संकल्प अभियान” का शुभारंभ करने जा रही है। यह अभियान 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा) तक संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास के समता, सामाजिक न्याय, मानवता, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
यह जानकारी छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास केवल किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक, समाज सुधारक और आध्यात्मिक चिंतक थे। उनके विचार आज भी समाज को समानता, आत्मसम्मान और भाईचारे की राह दिखा रहे हैं।
51 हजार स्थानों पर होगा ‘समरसता दीप महोत्सव’
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि अभियान का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा की संध्या पर देशभर के मंदिरों में आयोजित होने वाले “समरसता दीप महोत्सव” से होगा। इस अवसर पर 51 हजार स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे, जबकि संत रविदास घाट, वाराणसी में 11 हजार दीपों से भव्य दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा।
दीप महोत्सव से पूर्व भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक प्रवचन एवं संत वंदना होगी। इसके बाद प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों में सभी समाजों के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया जाएगा।
वाराणसी से आएंगे 131 पवित्र कलश, देशभर में पहुंचेगी जन्मस्थली की पावन मिट्टी
श्री वर्मा ने बताया कि 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक “श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान” चलाया जाएगा। वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में देशभर के राज्यों को संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी से भरे 131 सुसज्जित कलश प्रदान किए जाएंगे।
इन कलशों को विभिन्न राज्यों, जिलों और मंदिरों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाया जाएगा। जन्मस्थली की पावन मिट्टी को 21 हजार कलशों में स्थापित कर देशभर में वितरित किया जाएगा, जिसका उपयोग मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के निर्माण कार्यों में किया जाएगा।
संतों से संवाद और समरसता यात्रा होगी अभियान की विशेष पहचान
अभियान के अंतर्गत 29 जुलाई से 31 अगस्त तक “संत संपर्क अभियान” चलाया जाएगा। भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता संत रविदास परंपरा से जुड़े संतों एवं विभिन्न धार्मिक परंपराओं के महात्माओं से भेंट कर उनका सम्मान करेंगे।
इसके अलावा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा” निकाली जाएगी। यह यात्रा पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से प्रारंभ होकर संत गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान संत सम्मेलन, समरसता गोष्ठियां, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों लोगों को जोड़ा जाएगा।
छात्रावासों में होगा ‘समरसता संवाद’
राजस्व मंत्री ने बताया कि 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक देशभर में “श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान” चलाया जाएगा। छात्रावासों में संत रविदास के चित्र के समक्ष समरसता संवाद कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
संत रविदास का ‘बेगमपुरा’ दर्शन आज भी प्रासंगिक
श्री वर्मा ने कहा कि गुरु रविदास द्वारा प्रतिपादित “बेगमपुरा” का दर्शन आज भी ऐसे समाज की प्रेरणा देता है, जहां किसी प्रकार का भेदभाव, अन्याय, शोषण या पीड़ा न हो और प्रत्येक व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। उनके विचार विकसित भारत की अवधारणा को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक बनाई गई विशेष टोलियां
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए प्रदेश, जिला, मंडल और ग्राम स्तर पर विशेष टोलियों का गठन किया गया है। मीडिया, सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से अभियान को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर कार्यकर्ताओं को अभियान की रूपरेखा से अवगत कराया गया है, ताकि कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
सामाजिक समरसता का बनेगा राष्ट्रीय जनआंदोलन
भाजपा समरसता संकल्प अभियान की प्रदेश संचालन समिति के सह-संयोजक शंकर अग्रवाल ने कहा कि यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, संत-महात्माओं, मंदिर समितियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु
29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक चलेगा अभियान।
गुरु पूर्णिमा पर 51 हजार स्थानों पर होगा समरसता दीप महोत्सव।
वाराणसी से 131 पवित्र कलश देशभर में भेजे जाएंगे।
21 हजार कलशों में स्थापित होगी जन्मस्थली की पावन मिट्टी।
अक्टूबर-नवंबर में निकलेगी समरसता यात्रा।
छात्रावासों में होंगे समरसता संवाद कार्यक्रम।
सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य।
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा का यह अभियान देशभर में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का नया संदेश देने जा रहा है।


