विश्व हेपेटाइटिस डे पर कोरबा में स्वास्थ्य जागरूकता की अनूठी पहल: निःशुल्क आयुर्वेद-योग शिविर में मिलेगा विशेषज्ञ परामर्श, लिवर संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। विश्व हेपेटाइटिस डे (विश्व यकृत शोथ दिवस) के अवसर पर 28 जुलाई, मंगलवार को लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में जनस्वास्थ्य को समर्पित एक विशेष निःशुल्क आयुर्वेद एवं योग चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय, महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका रोड, कोरबा में आयोजित होगा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य हेपेटाइटिस (यकृत शोथ) के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, समय पर पहचान, बचाव और उपचार संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। आयोजन में आयुर्वेद और योग के माध्यम से लिवर को स्वस्थ रखने के प्रभावी उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।

शिविर में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा अपनी सेवाएं देंगे। दो दशक से अधिक के चिकित्सकीय अनुभव रखने वाले डॉ. शर्मा शिविर में आने वाले लोगों की निःशुल्क जांच एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य परामर्श प्रदान करेंगे। साथ ही रोगियों को उनकी शारीरिक स्थिति के अनुरूप योग, प्राणायाम, आहार-विहार, दिनचर्या एवं जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए जाएंगे।
आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को लिवर के लिए उपयोगी यकृत बूस्टर क्वाथ का निःशुल्क सेवन कराया जाएगा तथा यकृत स्वास्थ्य से संबंधित उपयोगी पुस्तिका भी निशुल्क वितरित की जाएगी, जिससे लोग अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाकर लिवर संबंधी बीमारियों से बचाव कर सकें।
लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के सचिव लायन प्रत्युष सक्सेना ने बताया कि विश्व हेपेटाइटिस डे का उद्देश्य लोगों को इस गंभीर बीमारी के कारणों, लक्षणों, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने अंचलवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर विशेषज्ञों से परामर्श लेने और इस जनहितकारी स्वास्थ्य अभियान का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इच्छुक नागरिक पूर्व पंजीयन कर निर्धारित समय प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोजकों ने इसे जनस्वास्थ्य के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए लोगों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया।


