ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की फुर्ती से टला खतरा: रांपा गांव में निकले विशाल अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** गढ़ उपरोड़ा (कोरबा)। गढ़ उपरोड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत रांपा गांव में एक विशाल अजगर दिखाई देने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता, वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय के चलते अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। इस सफल अभियान से न केवल वन्यजीव की जान बची, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही वन समिति गढ़ उपरोड़ा के प्रबंधक नहबर सिंह पोर्ते ने “संच देवपहरी ऑफिशियल” यूट्यूब चैनल के संचालक चंद्रा कुमार राठिया से संपर्क किया। सूचना मिलते ही उन्होंने लेमरू वन परिक्षेत्र अधिकारी जय कुमार कंवर से तत्काल संपर्क कर रेस्क्यू टीम भेजने का आग्रह किया। अधिकारी ने बिना विलंब किए टीम को मौके पर रवाना कर दिया।
रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले चंद्रा कुमार राठिया ने जिला सर्प रेस्क्यू टीम से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नेटवर्क बाधित होने के कारण बात नहीं हो सकी। इसके बाद सूचना विभिन्न माध्यमों से साझा की गई। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी विकास बनर्जी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अजगर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक उस पर निगरानी रखें।
कुछ ही देर में रेस्क्यू टीम के सदस्य मनोज दास महंत मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी, अनुभव तथा वैज्ञानिक तरीके से विशाल अजगर का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। पूरे अभियान के दौरान किसी भी व्यक्ति या वन्यजीव को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
चंद्रा कुमार राठिया ने बताया कि उनके “संच देवपहरी ऑफिशियल” यूट्यूब चैनल के माध्यम से लगातार लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण, सुरक्षित रेस्क्यू और वन विभाग को तत्काल सूचना देने के लिए जागरूक किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना में ग्रामीणों द्वारा जागरूकता दिखाते हुए सही समय पर सूचना देना इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।
रेस्क्यू अभियान के सफल समापन पर चंद्रा कुमार राठिया ने नहबर सिंह पोर्ते, जय कुमार कंवर, विकास बनर्जी और मनोज दास महंत सहित पूरी वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया। वन विभाग ने भी नागरिकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में यदि कोई वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीवों और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


