आयुष परिषद चुनाव की सरगर्मी तेज: निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान की उठी मांग, चिकित्सकों से लोकतांत्रिक भागीदारी की अपील
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा**//**//** कोरबा। छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति तथा प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के संभागीय प्रतिनिधियों के निर्वाचन को लेकर प्रदेशभर के आयुष चिकित्सकों में उत्साह का माहौल है। इसी बीच आयुष मेडिकल एसोसिएशन (आयुष्मा) कोरबा के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र वातावरण में संपन्न कराने की मांग करते हुए सभी पंजीकृत चिकित्सकों से लोकतांत्रिक अधिकारों का सजगता और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने का आह्वान किया है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि परिषद के चुनाव के तहत प्रदेश के प्रत्येक संभाग से एक-एक प्रतिनिधि का निर्वाचन किया जाएगा। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 जुलाई 2026 से पंजीकृत आयुष चिकित्सकों के पते पर पंजीकृत डाक के माध्यम से पोस्टल बैलेट (मतपत्र) भेजे जाएंगे। चिकित्सकों को निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मतपत्र भरकर निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ वापस भेजना होगा।
उन्होंने जानकारी दी कि 17 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक सभी मतपत्र निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में प्राप्त होना अनिवार्य है। समय-सीमा के बाद प्राप्त मतपत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए सभी मतदाताओं को समय रहते अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आयुष चिकित्सा क्षेत्र की आवाज और भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अवसर है। ऐसे में यह आवश्यक है कि प्रत्येक पंजीकृत चिकित्सक—चाहे वह निजी क्षेत्र में कार्यरत हो या शासकीय सेवा में—बिना किसी दबाव, प्रभाव या हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से मतदान कर सके।
उन्होंने निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य शासन से आग्रह किया कि चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक मतदाता को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वह अपने विवेक और विश्वास के आधार पर निर्भीक होकर मतदान कर सके।
आयुष्मा कोरबा के अध्यक्ष ने कहा कि परिषद की मजबूती और आयुष चिकित्सकों के हितों की प्रभावी पैरवी के लिए योग्य, ईमानदार, कर्मठ और समर्पित प्रतिनिधियों का चयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी आयुष चिकित्सकों से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने तथा परिषद को सशक्त नेतृत्व प्रदान करने की अपील की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न होती है, तो इससे परिषद की गरिमा, विश्वसनीयता और आयुष चिकित्सकों का भरोसा और अधिक मजबूत होगा। साथ ही यह चुनाव प्रदेश में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा और सशक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“स्वतंत्र मतदान, सशक्त प्रतिनिधित्व” बना चुनावी संदेश
आयुष चिकित्सकों के बीच अब यह संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है कि निष्पक्ष चुनाव ही परिषद को मजबूत बनाएगा। ऐसे में आगामी निर्वाचन को लेकर चिकित्सक समुदाय की निगाहें चुनाव प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं और सभी को एक पारदर्शी, स्वतंत्र एवं विश्वसनीय निर्वाचन की उम्मीद है।


