डॉक्टरों की फिटनेस बनी प्रेरणा: खेल मैदान में उतरे ‘व्हाइट कोट वॉरियर्स’, दिया संदेश— “डॉक्टर फिट तो समाज भी रहेगा हिट”



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहने वाले डॉक्टर जब स्टेथोस्कोप छोड़कर खेल मैदान में उतरे तो हर किसी ने उनका एक अलग ही रूप देखा। दौड़, खेल, हंसी, ऊर्जा और जोश से सराबोर इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जो चिकित्सक स्वयं स्वस्थ और फिट रहेगा, वही समाज को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा दे सकेगा।
डॉक्टर्स डे के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कोरबा एवं इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में एमपी नगर स्थित मनोरंजन गृह में भव्य खेल महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यू.एस. जायसवाल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

करीब 60 से 70 चिकित्सकों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। सफेद कोट पहनकर मरीजों का उपचार करने वाले डॉक्टर इस बार खेल मैदान में अपनी फिटनेस, ऊर्जा और खेल भावना का परिचय देते नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान हंसी-खुशी, सौहार्दपूर्ण प्रतिस्पर्धा और उत्साह का अनूठा वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों ने कहा कि “फिट डॉक्टर ही स्वस्थ समाज की सबसे बड़ी पहचान है। यदि डॉक्टर स्वयं नियमित व्यायाम, खेल और अनुशासित जीवनशैली अपनाएंगे तो समाज भी उनसे प्रेरणा लेकर स्वस्थ रहने की दिशा में आगे बढ़ेगा।”
आईएमए कोरबा के अध्यक्ष डॉ. एस. चंदानी एवं सचिव डॉ. अजय स्वर्णकार ने कहा कि चिकित्सकों का कार्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का संदेश देना भी है। इसके लिए डॉक्टरों का स्वयं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त विश्राम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की।
आईडीए कोरबा के अध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि अच्छी दिनचर्या, नियमित खेलकूद और सकारात्मक सोच से बनता है। खेल व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर करते हैं। ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का मजबूत माध्यम बनते हैं।
खेल महोत्सव के दौरान सभी चिकित्सकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे “स्वस्थ डॉक्टर, स्वस्थ समाज” का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से डॉक्टर्स डे का केक काटकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि समाज के लिए एक सशक्त संदेश बन गया कि “जब डॉक्टर खुद फिट रहेंगे, तभी वे अपने मरीजों को भी फिट और स्वस्थ जीवन जीने के लिए सबसे प्रभावी प्रेरणा दे सकेंगे।” डॉक्टरों की यह सकारात्मक पहल बताती है कि स्वास्थ्य की शुरुआत दूसरों को सलाह देने से पहले स्वयं उसे अपने जीवन में अपनाने से होती है।


