तिलक, तरु और न्योता भोज से सजा शाला प्रवेशोत्सव, गुरमा विद्यालय में नवप्रवेशी बच्चों का हुआ भव्य अभिनंदन



पुस्तकें, गणवेश और पाठ्य सामग्री का वितरण, पौधरोपण के साथ शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। विकासखंड कोरबा के श्यांग संकुल अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय, गुरमा में शाला प्रवेशोत्सव उत्साह, उमंग और आत्मीयता के वातावरण में मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी बच्चों के स्वागत को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। तिलक, पुष्पहार और पुष्पगुच्छ से बच्चों का अभिनंदन किया गया, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत यादगार बन गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत गुरमा की सरपंच श्रीमती सीता मँझवार रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपसरपंच जितेंद्र अग्रवाल, भूतपूर्व सरपंच कोवल सिंह मँझवार एवं भूतपूर्व उपसरपंच बंशीराम मँझवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संकुल प्राचार्य प्रतिनिधि तिलक सिंह राठिया ने की।

अतिथियों ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को शासन की योजनाओं के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन, पेंसिल एवं गणवेश वितरित किए। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस पहल के माध्यम से शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त संदेश दिया गया।
शाला प्रवेशोत्सव का आकर्षण ‘न्योता भोज’ रहा, जिसमें बच्चों, अभिभावकों, अतिथियों और ग्रामीणों को खीर, पूरी, दाल, मटर पनीर, मिक्स सब्जी एवं मिठाई सहित स्वादिष्ट व्यंजन परोसे गए। पूरे आयोजन में आत्मीयता, सामाजिक सहभागिता और उत्सव का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संकुल समन्वयक परेश्वर बंजारे, बसंत एक्का, ग्राम पंचायत के पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के पदाधिकारी, पालकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और विद्यालय से जुड़ाव को और अधिक मजबूत करते हैं।


