सहकारिता का तिरंगा संदेश: बिझरा में गूंजा किसानों की एकजुटता का संकल्प, ध्वजारोहण के साथ आत्मनिर्भर गांव की नई पहल



सहकारिता दिवस पर जनप्रतिनिधियों और किसानों ने किया सहकार ध्वज को नमन, ग्रामीण समृद्धि और किसान हितैषी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का लिया संकल्प
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। सहकारिता को ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक मजबूती का सबसे प्रभावी माध्यम बनाने के उद्देश्य से आदिवासी सेवा सहकारी समिति बिझरा में सहकारिता दिवस के अवसर पर गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय पर्व जैसी गरिमा और उत्साह के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सहकारी समिति के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता करते हुए सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने सहकार ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान एवं सहकारिता के जयघोष के साथ किसानों की उन्नति, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में सहकारिता की भावना, सामूहिक सहभागिता और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने कहा कि सहकारिता केवल एक संस्था नहीं बल्कि किसानों की आर्थिक शक्ति, सामाजिक एकता और ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला है। सहकारी समितियां किसानों को खाद, बीज, ऋण और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराकर गांवों की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से सहकारी समितियों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने और शासन की किसान हितैषी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि संगठित किसान ही समृद्ध गांव और विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं तथा सहकारिता इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच चंद्रिका देवी, विष्णु यादव, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष विवेक मारकंडे, जिला मंत्री मनोज डिकसेना, सुरेंद्र प्रताप सिंह, रूपेश शांडिल्य, समिति प्रबंधक संतन दास, कोऑपरेटिव कटघोरा से मिश्रा जी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं किसान बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने सहकारिता की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाने, अधिक से अधिक किसानों को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, सहभागिता और जनसेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसने सहकारिता दिवस को किसानों के विश्वास और ग्रामीण समृद्धि के महापर्व के रूप में यादगार बना दिया।


