लोकतंत्र की रक्षा करने वालों का सम्मान, नई पीढ़ी को आपातकाल का सच जानना जरूरी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय



लोकतंत्र सेनानी संघ ने किया प्रदेशभर के सेनानियों का सम्मान, आपातकाल पर निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* रायपुर। लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा रविवार को प्रदेशभर के लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आपातकाल विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा युवाओं को देश के लोकतांत्रिक इतिहास से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र के इतिहास को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को यह जानना आवश्यक है कि देश ने किस प्रकार लोकतंत्र के सबसे कठिन दौर का सामना किया था और लोकतंत्र सेनानियों ने अपने अधिकारों तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि 25 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने इस्तीफा देने के बजाय देश में आपातकाल लागू कर दिया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ और संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचा। ऐसे ऐतिहासिक प्रसंगों से नई पीढ़ी को अवगत कराना आवश्यक है, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष देश के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उनके त्याग, साहस और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को सदैव याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।


