‘रामलला की आस्था अटूट, दुष्प्रचार फैलाने वालों को जनता देगी जवाब’ : वित्त मंत्री ओपी चौधरी



राम मंदिर दान प्रकरण पर बोले वित्त मंत्री— दोषी नहीं बचेंगे, लेकिन आस्था को राजनीति का हथियार बनाने वालों को भी देश पहचानता है
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* रायपुर। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित दान प्रकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक आपराधिक मामला है, जिसकी जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष तथा कड़ाई से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना को आधार बनाकर करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग, जो पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न लगाते रहे हैं, आज मंदिर और श्रद्धालुओं की आस्था की चिंता का दिखावा कर रहे हैं। जनता ऐसे लोगों की मंशा और उनके दुष्प्रचार को भली-भांति समझती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति देशवासियों की श्रद्धा किसी एक घटना से कमजोर नहीं हो सकती। यह आस्था सदियों के संघर्ष, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हमारी आस्था इतनी कमजोर नहीं है कि किसी कथित आपराधिक घटना से डगमगा जाए। भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों के विश्वास, संस्कृति और जीवन मूल्यों के केंद्र हैं।
ओपी चौधरी ने कहा कि लगभग पाँच सौ वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। आज यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और सनातन परंपरा का भव्य प्रतीक बनकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण इस बात का प्रमाण है कि श्रद्धालुओं के योगदान का उपयोग एक ऐतिहासिक और गौरवशाली धरोहर के निर्माण में हुआ है।
उन्होंने विपक्ष पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के दौर में श्रीराम भक्तों को संघर्ष करना पड़ा, जो वर्षों तक भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते रहे, वे आज आस्था की दुहाई देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों के बहकावे में देश की जनता आने वाली नहीं है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां अपना कार्य पूरी निष्पक्षता से कर रही हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। लेकिन इस बहाने भगवान श्रीराम, राम मंदिर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम भारत की सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और करोड़ों लोगों की अटूट श्रद्धा के प्रतीक हैं और सदैव रहेंगे।


