कार्यस्थल पर महिला कर्मचारी से कथित प्रताड़ना का मामला गरमाया, महिला आयोग सख्त—मुख्य अभियंता को निष्पक्ष जांच के आदेश



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। हसदेव ताप विद्युत उत्पादन कंपनी, दर्री में कार्यरत एक महिला केमिस्ट द्वारा कार्यस्थल पर छुट्टी स्वीकृत नहीं किए जाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है और मुख्य अभियंता हेमंत सिंह को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
महिला कर्मचारी ने आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायत में आरोप लगाया कि आवश्यक अवकाश के लिए आवेदन करने के बावजूद उसे लगातार परेशान किया गया। इतना ही नहीं, कार्यालय में ऐसा माहौल बनाया गया जिससे उस पर मानसिक दबाव बढ़ता गया। शिकायतकर्ता ने इसे कार्यस्थल पर उत्पीड़न बताते हुए आयोग से न्याय दिलाने की मांग की।
मामले की सुनवाई के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने शिकायत के सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। प्रथम दृष्टया शिकायत को गंभीर मानते हुए आयोग ने मुख्य अभियंता के साथ संबंधित सहायक अभियंता को भी निर्देशित किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला कर्मचारी को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव रहित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक सरकारी एवं निजी संस्थान की जिम्मेदारी है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने दोहराया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, मानसिक दबाव या अधिकारों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस मामले ने कार्यस्थलों पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके वैधानिक अधिकारों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर महिला आयोग की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


