कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर भाजपा का तीखा हमला, बोली— ‘भाजपा की कार्यशैली की नकल से नहीं लौटेगा खोया जनाधार’



प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने उठाए कई सवाल, कहा— संगठनात्मक संस्कार, अनुशासन और जनसेवा का प्रशिक्षण केवल दिखावे से नहीं मिलता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* रायपुर। कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस आयोजन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीतिक मजबूरी और भाजपा की संगठनात्मक कार्यशैली की नकल करार दिया है। भाजपा का कहना है कि वर्षों तक अपने जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने वाली कांग्रेस अब प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संगठन को मजबूत दिखाने का प्रयास कर रही है, लेकिन इससे उसकी राजनीतिक चुनौतियां समाप्त नहीं होंगी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित रखने वाली कांग्रेस आज प्रशिक्षण और संगठनात्मक सशक्तीकरण की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा लगातार चुनावों में नकारे जाने के बाद कांग्रेस अपने घटते जनाधार और कार्यकर्ताओं की निराशा को दूर करने के लिए भाजपा के संगठनात्मक मॉडल का अनुसरण करने का प्रयास कर रही है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि भाजपा वर्षों से नियमित प्रशिक्षण शिविरों, वैचारिक कार्यशालाओं और संगठनात्मक अभियानों के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को तैयार करती रही है। उनके अनुसार भाजपा में प्रशिक्षण केवल चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं होता, बल्कि राष्ट्रसेवा, सामाजिक दायित्व, संगठनात्मक अनुशासन और जनसंपर्क की कार्यसंस्कृति का भी हिस्सा होता है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन नेताओं पर स्वयं संगठनात्मक मर्यादा और व्यवहार को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, वे अब कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल शिविर आयोजित कर देने से संगठन मजबूत नहीं होता, बल्कि उसके लिए निरंतर संवाद, वैचारिक स्पष्टता, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान आवश्यक है।
डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा अपने ही कार्यकर्ताओं के लिए प्रयुक्त कुछ बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस पार्टी में कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार पर ही प्रश्न उठते रहे हों, वहां प्रशिक्षण शिविर की गंभीरता पर स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और संगठनात्मक संस्कृति को मजबूत करने पर ध्यान दे, उसके बाद प्रशिक्षण की बात करे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस चाहे भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों और प्रशिक्षण मॉडल का अनुसरण करने का प्रयास करे, लेकिन केवल स्वरूप अपनाने से कार्यसंस्कृति विकसित नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की पहचान अनुशासित संगठन, वैचारिक प्रतिबद्धता और सतत प्रशिक्षण की परंपरा से बनी है, जबकि कांग्रेस का वर्तमान प्रशिक्षण अभियान उसके आंतरिक असंतोष और राजनीतिक चुनौतियों को छिपाने का प्रयास मात्र है।
अपने बयान के अंत में डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि भाजपा का विश्वास निरंतर प्रशिक्षण, विचार आधारित राजनीति और कार्यकर्ता सम्मान की संस्कृति में है। उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि भाजपा का संगठन लगातार विस्तार कर रहा है और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से जनसंपर्क तथा जनसेवा के कार्यों को नई गति मिल रही है।


