300 महिला नगर सैनिकों की शिकायत पर महिला आयोग का बड़ा एक्शन, दो माह में जांच रिपोर्ट तलब



कोरबा में जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग सख्त, तत्कालीन कमांडेंट पर अभद्र व्यवहार के आरोपों की ICC से होगी जांच
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा, 25 जून। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने कोरबा में महिला नगर सैनिकों की सामूहिक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। लगभग 300 महिला नगर सैनिकों के हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र पर सुनवाई करते हुए आयोग ने नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट के खिलाफ लगाए गए आरोपों की आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने नगर सेना कमांडेंट, कोरबा को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो माह के भीतर सभी संबंधित महिला नगर सैनिकों एवं संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कर विस्तृत जांच रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित महिला उत्पीड़न संबंधी जनसुनवाई की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने की। जनसुनवाई के दौरान प्रदेशभर के 404 प्रकरणों तथा कोरबा जिले से जुड़े 12 मामलों पर सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान सबसे अधिक चर्चा उस शिकायत की रही, जिसमें महिला नगर सैनिकों ने आरोप लगाया कि नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट द्वारा उनके साथ अनावश्यक सख्ती बरती गई तथा सार्वजनिक रूप से अपमानजनक एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। आयोग ने पाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) द्वारा जांच प्रारंभ नहीं की गई थी। इस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
जनसुनवाई में आयोग ने वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, पुलिस कार्रवाई तथा अन्य पारिवारिक मामलों से जुड़े प्रकरणों में दोनों पक्षों की बात सुनकर आवश्यक निर्देश, अनुशंसाएं और समझाइश दी। जिन मामलों में न्यायालयीन हस्तक्षेप आवश्यक था, वहां संबंधित पक्षों को विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई। वहीं कई मामलों में महिला थाना, सखी सेंटर और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एक मामले में पति द्वारा पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण की उपेक्षा किए जाने पर आयोग ने पति को प्रतिमाह 5,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने का निर्देश दिया। वहीं एक अन्य प्रकरण में महिला के नाम से खरीदे गए मकान को लेकर उत्पन्न विवाद में संबंधित पक्ष को एक माह के भीतर मकान खाली करने की समझाइश दी गई।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला को त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महिला आयोग की इस सख्त कार्रवाई को महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें दो माह के भीतर प्रस्तुत होने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


