हर आंगन से उठी शिक्षा की अलख: फूल-मालाओं से हुआ नौनिहालों का स्वागत, ‘हर बच्चा स्कूल जाए’ के संकल्प के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव



लबेद में शिक्षा का महापर्व, नवप्रवेशी बच्चों के स्वागत से गूंजे विद्यालय परिसर, साइकिल, पुस्तक और गणवेश पाकर खिल उठे चेहरे
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* करतला/लबेद। शिक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से संकुल केंद्र लबेद में आयोजित संकुल स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव एवं न्योता भोज शिक्षा के महापर्व के रूप में संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में उत्साह, उमंग और नवचेतना का वातावरण देखने को मिला। विद्यालय परिसर बच्चों की किलकारियों, स्वागत गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार रहा।
संकुल केंद्र लबेद के अंतर्गत संचालित 7 प्राथमिक शालाओं, 3 माध्यमिक शालाओं तथा 1 हाई स्कूल सहित कुल 11 विद्यालयों की सहभागिता ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर विद्यालय में पहली बार कदम रखने वाले नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राएं कार्यक्रम के केंद्र बिंदु रहे। अतिथियों ने उनका तिलक लगाकर, फूल-माला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया। विद्यालय में प्रवेश के साथ ही बच्चों के चेहरों पर नई उम्मीद और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थायी शिक्षा समिति जनपद पंचायत करतला के अध्यक्ष श्री मनोज झा ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती देवी बाई राजवाड़े, ग्राम पंचायत लबेद के सरपंच श्री सम्मे सिदार, एसएमडीसी अध्यक्ष श्री विकास अग्रवाल, श्री छेदीलाल माली तथा एसएमसी अध्यक्ष श्री शुक कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, पाठ्य पुस्तकें एवं पेन वितरित कर विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। वहीं कक्षा नवमी के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण कर उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया गया। साइकिल प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री मनोज झा ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे सदैव सहयोग के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा भविष्य में आदर्श नागरिक बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में संकुल केंद्र के सभी प्रधान पाठकों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला छातापाठ के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। देशभक्ति, शिक्षा और संस्कारों पर आधारित प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया।
शाला प्रवेश उत्सव के साथ आयोजित न्योता भोज ने कार्यक्रम को सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहभागिता का स्वरूप प्रदान किया। अभिभावकों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया तथा शिक्षा के महत्व पर चर्चा की।
कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ और यह संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया कि “कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, हर बच्चा स्कूल जाए और अपना भविष्य संवारें।” शिक्षा के इस महापर्व ने न केवल नवप्रवेशी बच्चों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि समाज को भी बच्चों की शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रेरक संदेश दिया।


