कोरबा में गूंजा लोकतंत्र बचाने का संदेश: भाजपा ने आपातकाल को बताया भारतीय इतिहास का ‘काला अध्याय



प्रेस वार्ता में विधायक अनुज शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का किया गया दमन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा जिला कोरबा द्वारा तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में धरसींवा विधायक एवं भाजपा नेता अनुज शर्मा ने आपातकाल को लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रता पर किया गया सबसे बड़ा प्रहार बताते हुए कहा कि यह दौर देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे पीड़ादायक और चिंताजनक अध्याय रहा है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों के मौलिक अधिकारों को सीमित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कमजोर करने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि सत्ता बचाने की राजनीतिक मजबूरी में पूरे देश को भय, दमन और नियंत्रण के वातावरण में धकेल दिया गया था।
लोकतंत्र की आवाज को दबाने का हुआ प्रयास
अनुज शर्मा ने कहा कि आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों को बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किया गया। देशभर में विरोध की आवाज को दबाने के लिए कठोर कदम उठाए गए और राजनीतिक असहमति को अपराध की तरह देखा गया।
उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मानी जाने वाली जनता की आवाज को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। स्वतंत्र अभिव्यक्ति, विरोध और विचार रखने की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना प्रभावित हुई।
मीडिया पर नियंत्रण को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
प्रेस वार्ता में विधायक शर्मा ने मीडिया की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान प्रेस और समाचार माध्यमों पर अभूतपूर्व नियंत्रण स्थापित किया गया। समाचारों के प्रकाशन पर निगरानी रखी गई और स्वतंत्र पत्रकारिता पर दबाव बनाया गया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया चौथे स्तंभ की भूमिका निभाता है और जब उसकी स्वतंत्रता प्रभावित होती है तो लोकतांत्रिक व्यवस्था भी कमजोर होती है। इसलिए नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिलाओं में से एक हैं।
नई पीढ़ी को इतिहास से सीख लेने की जरूरत
अनुज शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी को देश के राजनीतिक इतिहास और लोकतांत्रिक संघर्षों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों, स्वतंत्र अभिव्यक्ति, संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती और जनता की भागीदारी से मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के अनुभव हमें यह सीख देते हैं कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सजग और जागरूक रहना चाहिए।
लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण पर दिया जोर
भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान के प्रति सम्मान, नागरिक अधिकारों की रक्षा और संस्थाओं की स्वतंत्रता को बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पार्टी द्वारा विभिन्न माध्यमों से जनजागरण अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा सके।
कई वरिष्ठ नेता और पत्रकार रहे उपस्थित
आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर संजूदेवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, जिला सह-कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, योगेश मिश्रा, राकेश नागरमल अग्रवाल सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की।
प्रेस वार्ता के दौरान लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व और भारतीय संविधान की मूल भावना को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।


