कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की सख्ती: सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और पारदर्शिता की होगी जांच, 7 दिन में देनी होगी पूरी जानकारी



विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर हो सकती है कार्रवाई
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा, 24 जून। जिले में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक मानकों के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला शिक्षा विभाग ने जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों से विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके लिए सभी संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु 7 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोरबा जिले में संचालित प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को अपने संस्थान से संबंधित संपूर्ण जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी शासन स्तर पर तैयार किए जाने वाले प्रतिवेदन और निगरानी व्यवस्था का हिस्सा होगी।
किन-किन बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी?
जिला प्रशासन द्वारा कोचिंग संस्थानों से केवल पंजीयन संबंधी जानकारी ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी मांगी गई है। इनमें प्रमुख रूप से—
✔ संस्थान का पंजीयन एवं वैधानिक दस्तावेज
✔ संचालक का नाम एवं संपर्क विवरण
✔ संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या
✔ भवन एवं परिसर की सुरक्षा व्यवस्था
✔ सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता
✔ अग्निशमन यंत्र एवं फायर सेफ्टी व्यवस्था
✔ आपदा प्रबंधन की तैयारी
✔ शिकायत निवारण समिति या प्रकोष्ठ की व्यवस्था
✔ छात्र-छात्राओं की सुरक्षा संबंधी उपाय
✔ मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण एवं काउंसिलिंग व्यवस्था
✔ आपातकालीन सहायता तंत्र
✔ अन्य आवश्यक प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्थाएं शामिल हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
हाल के वर्षों में विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और मानसिक तनाव को देखते हुए प्रशासन ने पहली बार मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जानकारी मांगी है।
प्रशासन जानना चाहता है कि कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने, परामर्श उपलब्ध कराने तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल
जिला शिक्षा विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं। भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी भी प्रतिवेदन के माध्यम से एकत्र की जाएगी।
7 दिन में देना होगा जवाब
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी निजी कोचिंग संस्थान पत्र प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में अपनी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा में प्रस्तुत करें। समय-सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को यह जानने में आसानी होगी कि जिस संस्थान में वे अपने बच्चों का प्रवेश करा रहे हैं, वहां सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
यह कदम विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण और कोचिंग संस्थानों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी का संदेश
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और निर्धारित समयावधि में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें सभी संस्थानों का सहयोग आवश्यक है।
कोरबा जिले में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।


