तनावमुक्त प्रशासन की ओर कोरबा का कदम: कलेक्टोरेट में अधिकारियों और जवानों ने सीखे मानसिक संतुलन व सकारात्मक जीवन के सूत्र



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। बदलती जीवनशैली, बढ़ते कार्यभार और निरंतर मानसिक दबाव के बीच प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को तनावमुक्त और मानसिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कोरबा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टोरेट सभागार में एक विशेष प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस एवं प्रशासनिक तंत्र से जुड़े 200 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और जवान शामिल हुए।
कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, आत्मिक सशक्तिकरण, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी संतुलित, प्रभावी और सकारात्मक ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, आईपीएस अधिकारी विमल पाठक, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, डीएसपी डी.के. सिंह सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और लगभग 200 पुलिस जवानों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
माउंट आबू से पहुंचे ब्रह्माकुमारी संस्थान के विशेषज्ञ वक्ताओं ने वर्तमान समय में बढ़ रहे मानसिक तनाव, कार्यस्थल के दबाव और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि तनाव केवल व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसकी कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता, व्यवहार और सामाजिक संबंधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन, आत्मचिंतन और सकारात्मक चिंतन की शक्ति के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में मानसिक शांति और आत्मविश्वास विकसित कर सकता है। नियमित ध्यान अभ्यास से न केवल तनाव कम होता है, बल्कि कार्य के प्रति एकाग्रता, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों एवं जवानों को ध्यान और मेडिटेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्हें दैनिक जीवन में तनाव को नियंत्रित करने, सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के सरल एवं प्रभावी उपाय बताए गए। ध्यान सत्र के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने आत्मिक शांति और एकाग्रता का अनुभव किया।
कार्यक्रम में केवल मानसिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी गई। जागरूकता सत्र में एएसआई मनोज राठौर ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, सुरक्षित गति सीमा के पालन तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं साइबर सेल प्रभारी ललित चंद्रा ने डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को लेकर अधिकारियों एवं जवानों को जागरूक किया। उन्होंने फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग ठगी और डिजिटल भुगतान से जुड़े खतरों की जानकारी देते हुए सतर्क रहने का संदेश दिया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ मन, सकारात्मक सोच और जागरूक जीवनशैली ही बेहतर प्रशासन और प्रभावी कार्यसंस्कृति की आधारशिला है। ऐसी पहलें अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में सहायक सिद्ध होती हैं।


