August 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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एक शिक्षक, तीन सितारे और बड़ी सफलता: ढिटोरी स्कूल ने रचा शिक्षा का नया इतिहास

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संसाधनों की कमी भी नहीं रोक सकी प्रतिभा की उड़ान, एकलव्य विद्यालय प्रवेश परीक्षा में तीन विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* ढिटोरी। कहते हैं कि सफलता सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत, लगन और समर्पण से हासिल की जाती है। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए एकल शिक्षकीय शासकीय प्राथमिक शाला ढिटोरी ने ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। सीमित संसाधनों और केवल एक शिक्षिका के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय के तीन विद्यार्थियों ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विद्यालय, ग्राम और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में विद्यालय के छात्र अमन कुमार कंवर (पिता – श्री नर्मदा प्रसाद कंवर), नवीन कंवर (पिता – श्री संजय कंवर) एवं प्रतीक कंवर (पिता – श्री सुनील कंवर) का चयन हुआ है। एक साथ तीन विद्यार्थियों की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं अवसर मिलने पर किसी भी मंच पर अपनी क्षमता का परिचय दे सकती हैं।
एक शिक्षिका की मेहनत बनी सफलता की नींव
इस शानदार उपलब्धि के पीछे विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती शकुंतला बंजारे का अथक परिश्रम, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता प्रमुख आधार रही। एकल शिक्षकीय विद्यालय होने के कारण सम्पूर्ण शैक्षणिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है, लेकिन उन्होंने चुनौती को अवसर में बदलते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया।
श्रीमती बंजारे ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी कराई। परिणामस्वरूप विद्यालय ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
गांव में जश्न का माहौल, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
विद्यार्थियों की सफलता की सूचना मिलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान एवं शुभकामना कार्यक्रम में ग्राम के भूतपूर्व सरपंच श्री हेमसिंग कंवर, पंच श्री फिरत राम कंवर, श्रीमती त्रिवेणी कंवर, श्रीमती उत्तरा कंवर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती शकुंतला बंजारे के समर्पण और परिश्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है।
ग्रामीण शिक्षा की सफलता का प्रेरक उदाहरण
शासकीय प्राथमिक शाला ढिटोरी की यह उपलब्धि केवल तीन विद्यार्थियों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की संभावनाओं और शिक्षकों के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। जहां अक्सर संसाधनों की कमी को शिक्षा में बाधा माना जाता है, वहीं ढिटोरी विद्यालय ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि शिक्षक समर्पित हो और विद्यार्थी मेहनती हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
ग्रामवासियों ने कहा कि यह सफलता आसपास के विद्यालयों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
शिक्षा के मंदिर से निकली सफलता की नई मिसाल
विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षण के प्रति समर्पण का परिणाम बताया है। साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम देकर क्षेत्र को गौरवान्वित करने का संकल्प व्यक्त किया है।
ढिटोरी की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी शहर या संसाधन की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के साथ छोटे गांवों से भी बड़ी उपलब्धियों की कहानी लिखी जा सकती है।

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