August 13, 2026

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ज्येष्ठ माह का अंतिम बड़ा मंगल कल: हनुमान भक्तों के लिए विशेष दिन, जानिए पूजा-विधि, भोग और धार्मिक महत्व

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Tirentra Time’s Korba **//**//*कोरबा/ ज्येष्ठ माह का अंतिम बड़ा मंगल (बड़ा मंगलवार) कल श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। उत्तर भारत सहित छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और देश के कई हिस्सों में बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से संकटमोचन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार भगवान हनुमान को समर्पित होते हैं, लेकिन अंतिम बड़ा मंगल विशेष फलदायी माना गया है। इस अवसर पर मंदिरों में सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा, भंडारे और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है।
हनुमान जी को क्या-क्या चढ़ाएं?
बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान को प्रिय वस्तुएं अर्पित करने का विशेष महत्व है—
चमेली का तेल
सिंदूर और चोला
लाल फूल एवं लाल गुलाब
गुड़ और चना
बेसन के लड्डू
बूंदी एवं बूंदी के लड्डू
केसर मिश्रित मिठाई
तुलसी दल (भगवान श्रीराम के साथ)
नारियल
लाल वस्त्र
केले और मौसमी फल
पान का बीड़ा
मान्यता है कि चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ऐसे करें बड़े मंगल की पूजा
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर या हनुमान मंदिर में दीपक जलाएं।
भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी का स्मरण करें।
हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें।
गुड़-चना एवं लड्डू का भोग लगाएं।
हनुमान चालीसा का पाठ करें।
सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
“ॐ हनुमते नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
अंत में आरती कर प्रसाद का वितरण करें।
इन मंत्रों का करें जाप
ॐ हनुमते नमः।
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
इन मंत्रों के जाप से मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
बड़े मंगल के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। भक्तगण—
शरबत वितरण
जल सेवा
फल वितरण
गरीबों को भोजन
वस्त्र दान
भंडारा आयोजन
जैसे पुण्य कार्य करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान का कई गुना फल प्राप्त होता है।
क्या न करें?
किसी का अपमान न करें।
क्रोध और विवाद से बचें।
नशे और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
असत्य बोलने और छल-कपट से दूर रहें।
बड़े मंगल का संदेश
ज्येष्ठ माह का अंतिम बड़ा मंगल केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, दान, परोपकार और भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव से संकटमोचन की आराधना कर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
“जय बजरंगबली, संकट हरण मंगल मूर्ति रूप में कल बरसेगी हनुमान जी की विशेष कृपा, श्रद्धा और विश्वास के साथ करें आराधना।”

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