बगदाई विदेशी शराब दुकान में ओवररेटिंग की शिकायत, एमआरपी से अधिक वसूली पर उपभोक्ताओं में नाराजगी



Tirentra Time’s Korba **//**//* रायपुर। राजधानी रायपुर के नेवरा थाना क्षेत्र स्थित बगदाई विदेशी शराब दुकान में ग्राहकों से निर्धारित मूल्य (एमआरपी) से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान में कुछ कर्मचारियों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए शराब की बोतलें तय कीमत से अधिक दर पर बेची जा रही हैं, जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुकान में उपलब्ध कुछ लोकप्रिय ब्रांडों की शराब पर ग्राहकों से एमआरपी से ₹10 से ₹20 तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ₹120 मूल्य वाली शराब की बोतलें ₹130 से ₹140 तक में बेची जा रही हैं। कई ग्राहकों ने आरोप लगाया कि भीड़भाड़ के समय मनमाने ढंग से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है और इसका कोई वैध कारण नहीं बताया जाता।
स्थानीय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्राहकों का आरोप है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। दुकान के संचालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तो इस प्रकार की शिकायतों पर रोक लगाई जा सकती है।
शाम के समय बढ़ती हैं शिकायतें
स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय जब दुकान पर ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है, तब ओवररेटिंग की शिकायतें अधिक सामने आती हैं। भीड़ का फायदा उठाकर कुछ कर्मचारी अतिरिक्त राशि वसूलते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। कई ग्राहकों ने मांग की है कि शराब दुकानों में मूल्य सूची को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए और बिल देने की व्यवस्था को अनिवार्य बनाया जाए।
आबकारी विभाग से कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद उपभोक्ताओं ने आबकारी विभाग से जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
उपभोक्ताओं का सवाल—एमआरपी से अधिक वसूली क्यों?
ग्राहकों का कहना है कि जब उत्पाद पर मूल्य स्पष्ट रूप से अंकित है, तब उससे अधिक राशि लेने का अधिकार किसी को नहीं है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकानों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण किया जाए।
अब सभी की निगाहें आबकारी विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।


