रंगों में सजी आस्था: श्री सप्तदेव मंदिर में बच्चों ने सीखी मूर्ति पेंटिंग की कला, निःशुल्क प्रशिक्षण सम्पन्न



सप्तदेव सेवा समिति एवं महिला मंडलों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने कला और संस्कृति से जोड़ा रिश्ता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//*कोरबा, 21 जून 2026। श्री सप्तदेव मंदिर परिसर आज कला, संस्कृति और सृजनशीलता के रंगों से सराबोर हो उठा, जब निःशुल्क मूर्ति पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। श्री सप्तदेव सेवा समिति कोरबा, श्री सप्तदेव मंदिर महिला मंडल समिति, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन (महिला मंडल समिति) तथा कोरबा मारवाड़ी महिला मंडल समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कला से जोड़ते हुए उनकी सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना रहा। प्रातः 9:30 बजे प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण सत्र में मंदिर परिसर में बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह देखते ही बन रहा था।
पंडित शरद दीक्षित महाराज ने सिखाई कला की बारीकियां
इस अवसर पर प्रसिद्ध विद्वान एवं धर्माचार्य पंडित शरद दीक्षित महाराज ने प्रतिभागियों को मूर्ति पेंटिंग की विभिन्न विधियों एवं तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने मूर्तियों के रंग-संयोजन, सजावट, सौंदर्यीकरण तथा कलात्मक अभिव्यक्ति के महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया।

उन्होंने कहा कि धार्मिक कला केवल सजावट नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है, जिसे नई पीढ़ी को सीखकर आगे बढ़ाना चाहिए।
बच्चों में दिखा उत्साह, कला सीखने की उमंग
कार्यक्रम में नगर के छोटे-छोटे बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर मूर्ति पेंटिंग की बारीकियों को समझा और स्वयं अभ्यास कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह और सीखने की खुशी साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह रचनात्मकता और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर गया, जहां बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार देना सीखा।
संस्कृति और परंपरा से जोड़ने की अनूठी पहल
श्री सप्तदेव मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी अशोक मोदी एवं राजा मोदी ने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में कला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों और युवाओं को अपनी धार्मिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करती है।
समापन पर बच्चों को मिला प्रोत्साहन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ट्रस्टी राजा मोदी ने सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों, प्रशिक्षक एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सरला मित्तल, प्रीति मोदी, शिखा मोदी, आकांक्षा चंदेल, सोनू अग्रवाल, स्निग्धा अग्रवाल एवं विजय गोयनका सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कला, आस्था और संस्कारों का संगम बना कार्यक्रम
श्री सप्तदेव मंदिर में आयोजित यह निःशुल्क मूर्ति पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए एक सीखने का अवसर बना, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धार्मिक कला और सृजनशीलता को बढ़ावा देने की एक प्रेरणादायी पहल भी साबित हुआ।


