44वीं बार रक्तदान कर रामायण सिंह मंझवार बने मिसाल, कहा— “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं”



भीषण गर्मी में भी रक्तदान शिविर में उमड़ा मानवता का सैलाब, महादानियों ने बचाई अनगिनत जिंदगियों की उम्मीद
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अजगरबहार में आयोजित एक दिवसीय रक्तदान शिविर मानव सेवा, सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। 40 डिग्री से अधिक तापमान और उमस भरी गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में पहुंचकर रक्तदान किया और जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया।
रक्तदान शिविर में मानवता की सेवा का ऐसा जज्बा देखने को मिला जिसने सभी को भावुक और प्रेरित कर दिया। शिविर में पहुंचे रक्तदाताओं ने घंटों अपनी बारी का इंतजार किया, लेकिन किसी के चेहरे पर थकान या शिकायत नहीं थी। सभी के मन में केवल एक ही भावना थी—किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने में अपना योगदान देना।
इस अवसर पर सामाजिक सरोकारों के लिए सदैव सक्रिय रहने वाले रामायण सिंह मंझवार ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए 44वीं बार रक्तदान किया। उनके इस उल्लेखनीय योगदान की उपस्थित लोगों ने सराहना की। लगातार 44 बार रक्तदान कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि संकल्प मजबूत हो तो समाज सेवा का कोई भी कार्य कठिन नहीं होता।

रामायण सिंह मंझवार ने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि यह न केवल किसी की जान बचाता है बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।
शिविर में पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और भविष्य में भी नियमित रक्तदान करने का संकल्प लिया। रक्तदान के प्रति जागरूकता और सेवा भावना का यह उत्साह समाज के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया।
रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण, पंजीयन एवं रक्त संग्रहण की समुचित व्यवस्था की गई थी। शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रक्तदान करने वाले सभी महादानियों को स्वर्गीय बिसाहू दास महंत मेमोरियल मेडिकल कॉलेज संबद्ध इंदिरा गांधी चिकित्सालय, कोरबा की ओर से प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने रक्तदाताओं के उत्साह को और बढ़ाया।
शिविर के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्त की कमी के कारण कई बार मरीजों की जान संकट में पड़ जाती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान समाज के लिए एक महान सेवा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से आगे आकर रक्तदान करने और इस जनहितकारी अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
रक्तदान शिविर का समापन मानव सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए जीवनदायिनी साबित होंगे।


