TMC कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र आंदोलन तेज, अरदा में धरना स्थल बना जनआक्रोश का केंद्र



जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा, ग्रामीण बोले— अधिकारों और गांव के हितों से नहीं होगा कोई समझौता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा/अरदा। ग्राम पंचायत अरदा में TMC कंपनी के खिलाफ चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। कंपनी के कार्यों और ग्रामीण हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से असंतोष व्याप्त है, जिसके विरोध में ग्रामीणों द्वारा धरना-प्रदर्शन जारी रखा गया है। आंदोलन को अब जनप्रतिनिधियों और आसपास के गांवों का भी व्यापक समर्थन मिलने लगा है।

बुधवार को धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। जिला पंचायत सदस्य की अनुपस्थिति में उनके छोटे भाई अजय रजक धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनरत ग्रामीणों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की। उनके साथ कृष्ण यादव सहित कई ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
धरना स्थल पर ग्राम पंचायत अरदा की सरपंच स्नेहा श्रवण तंवर, ढेलवाडीह के पंच सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि गांव और क्षेत्र के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा ग्रामीणों की जायज मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
“हक की लड़ाई में पूरा क्षेत्र एकजुट”
धरना प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के अधिकारों और भविष्य की लड़ाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि गांव की जनता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और किसी भी प्रकार के अन्याय या उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं करेगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है।
आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन
धरना प्रदर्शन को क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का लगातार समर्थन मिल रहा है। आंदोलन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे आंदोलन की ताकत और बढ़ती नजर आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह संघर्ष गांव के सम्मान, अधिकार और भविष्य की सुरक्षा के लिए है। यदि समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
धरना स्थल पर पूरे दिन नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई अंतिम निर्णय तक लड़ने के लिए तैयार हैं।


