गांवों की तस्वीर बदल रहा बालको: सड़क, सामुदायिक भवन और सोलर लाइट से विकास की नई इबारत



सुविधाओं से सशक्त हो रहे ग्रामीण, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर आधारभूत संरचना तक पहुंच रहा बदलाव का लाभ
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//*बालकोनगर। औद्योगिक विकास को सामाजिक विकास से जोड़ते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसकी झलक अब गांवों की बदली तस्वीर में साफ दिखाई देने लगी है। सामुदायिक भवनों, सीसी सड़कों, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों, नंद घर, स्कूलों के उन्नयन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से कंपनी ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इन प्रयासों से न केवल सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि गांवों में सामाजिक सहभागिता, सुरक्षा और विकास की नई संभावनाएं भी पैदा हुई हैं।
बालको का मानना है कि किसी भी उद्योग की वास्तविक पहचान केवल उत्पादन और आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी और लोगों के जीवन में लाए गए बदलाव से होती है। इसी सोच के साथ कंपनी वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। कंपनी की विकासपरक पहलें अब ग्रामीणों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार का माध्यम बन रही हैं।

नेहरू नगर में बालको द्वारा निर्मित सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर उभरा है। नेता प्रतिपक्ष नगर पालिक निगम कोरबा कृपाराम साहू ने इसे क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस भवन से सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा किए जा रहे विकास कार्य क्षेत्र की प्रगति को नई दिशा दे रहे हैं।
सोनगुड़ा ग्राम पंचायत की सरपंच लक्ष्मी सिंह तंवर ने बताया कि पहले गांव में सामाजिक कार्यक्रमों, बैठकों और सामुदायिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान का अभाव था, लेकिन अब बालको द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन ने इस समस्या का स्थायी समाधान कर दिया है। यह भवन गांव और आसपास के लोगों के लिए एक साझा मंच बन गया है, जहां विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक भवन के साथ-साथ गांव में स्थापित सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों ने रात्रिकालीन सुरक्षा और आवागमन को भी आसान बनाया है। इसके अलावा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार, स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण तथा तालाबों के गहरीकरण जैसे कार्यों ने ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत किया है।
ग्राम पंचायत चुईया की सरपंच पूजा राठिया ने बताया कि गांव में सीसी सड़क निर्माण से आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो गया है। बारिश के मौसम में होने वाली समस्याओं से ग्रामीणों को राहत मिली है और गांव के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि बालको द्वारा किए जा रहे विकास कार्य ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ लोगों में विकास के प्रति नया विश्वास भी पैदा कर रहे हैं।
बालको का लक्ष्य केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने आसपास के समुदायों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दृष्टिकोण के तहत कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर निवेश कर रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बालको ने 12 सामुदायिक शौचालय, 2 सामुदायिक मंच तथा 4 सामुदायिक भवनों का निर्माण कर ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार को नई गति दी है। कंपनी की ये पहलें केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और सतत विकास को मजबूत आधार प्रदान करने का प्रयास हैं। स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी और विकास की इसी सोच ने बालको को सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक सशक्त और विश्वसनीय नाम के रूप में स्थापित किया है।


