12 वर्षों से रोजगार चला रहे परिवारों के साथ हो न्याय, वास्तविक व्यवसायियों को ही मिले पुनर्वास का लाभ – महापौर संजूदेवी राजपूत



आरटीओ कार्यालय के सामने संचालित दुकानों-ठेलों को हटाने से पहले हो वैकल्पिक व्यवस्था, नए लोगों को नहीं बल्कि वर्षों से व्यवसाय कर रहे लोगों को मिले प्राथमिकता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा, 10 जून 2026। आरटीओ कार्यालय के सामने पिछले एक दशक से अधिक समय से संचालित दुकानों एवं ठेलों के संबंध में महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वहां वर्षों से व्यवसाय कर रहे वास्तविक दुकानदारों और ठेला संचालकों के हितों की रक्षा की जाए। यदि किसी कारणवश उन्हें हटाना आवश्यक हो, तो पहले उनके समुचित पुनर्वास और व्यवस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न न हो।
बुधवार को संबंधित दुकानदार एवं ठेला संचालक निगम कार्यालय साकेत भवन पहुंचे और महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत से मुलाकात कर अपना आवेदन पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि वे पिछले 12 से 13 वर्षों से आरटीओ कार्यालय के समीप दुकान एवं ठेला लगाकर ऑनलाइन वाहन बीमा, दस्तावेजी कार्य एवं अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उनके माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को सुविधाएं मिलती हैं तथा इसी व्यवसाय से उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है।

दुकानदारों ने बताया कि उन्हें हाल ही में दुकान एवं ठेला हटाने का नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसमें तीन दिनों के भीतर स्थल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के वहां से हटाया गया तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और कई परिवार बेरोजगारी की स्थिति में पहुंच जाएंगे।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने व्यवसायियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस विषय में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि यहां लगभग 25 परिवारों के 100 से अधिक सदस्य प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इन दुकानों और ठेलों पर निर्भर हैं। ऐसे में वर्षों से व्यवसाय कर रहे लोगों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
महापौर ने कहा कि यदि किसी कारण से स्थल खाली कराना अपरिहार्य हो, तो पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां वास्तव में वर्षों से व्यवसाय संचालित कर रहे दुकानदारों और ठेला संचालकों की पहचान कर ली जाए। पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ केवल उन्हीं वास्तविक व्यवसायियों को मिले जो लंबे समय से वहां अपनी आजीविका चला रहे हैं। किसी नए व्यक्ति या अवसरवादी तत्व को इसका लाभ नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि नगर निगम उनके साथ न्याय करेगा और उनकी आजीविका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर पार्षद अब्दुल रहमान सहित संबंधित व्यवसायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


