26/11 के गुमनाम नायकों को मिला सम्मान: ‘भारत भाग्य विधाता’ की विशेष स्क्रीनिंग में भावुक हुए मुख्यमंत्री साय, कंगना रनौत ने भी सराहा छत्तीसगढ़



स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण को समर्पित फिल्म, मुख्यमंत्री ने कहा– ऐसे अनदेखे नायकों की कहानियां देश तक पहुंचना जरूरी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान अपने प्राणों की परवाह किए बिना घायलों की जान बचाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अदम्य साहसगाथा को बड़े पर्दे पर उतारने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सोमवार को राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में भव्य वातावरण के बीच आयोजित की गई। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय एवं परिजनों के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया, जनप्रतिनिधि, कलाकार, स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और सम्मान का विषय है कि राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग प्रदेश की राजधानी में आयोजित की गई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर अभिनेत्री कंगना रनौत का स्वागत करते हुए कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल में उनका आगमन प्रदेशवासियों के लिए विशेष महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भारत भाग्य विधाता’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उन अनगिनत गुमनाम नायकों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने संकट की घड़ी में मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले के दौरान जहां पूरा देश भय और पीड़ा के दौर से गुजर रहा था, वहीं अस्पतालों में कार्यरत नर्सों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए सैकड़ों लोगों की जान बचाई। दुर्भाग्यवश उनके योगदान की चर्चा उतनी नहीं हो पाई, जितनी होनी चाहिए थी।

मुख्यमंत्री ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि अभिनेत्री कंगना रनौत ने स्वयं एक नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के त्याग, समर्पण और सेवा भावना को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे अनेक लोग हैं, जो असाधारण कार्य करते हैं, लेकिन इतिहास के पन्नों में उनका नाम दर्ज नहीं हो पाता। यह फिल्म उन सभी अनदेखे और अनसुने नायकों को समर्पित है।
उन्होंने फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे और पले-बढ़े मनोज तापड़िया ने एक अत्यंत संवेदनशील और प्रेरणादायी विषय को चुनकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने पूरी फिल्म टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह फिल्म समाज को सेवा, साहस और मानवता का अमूल्य संदेश देगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया। यह नाम उन लोगों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर देश की असली ताकत बनते हैं।
इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ के बेटे हैं और उनकी इच्छा थी कि फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग उनकी जन्मभूमि में हो। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद उन्होंने इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का उत्साह बढ़ाया है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ सम्मान समारोह रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और सेवा योद्धाओं को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में जागेश्वर कुमार धीवर, नारायण सिंह नायक, भुनेश्वरी तिवारी, रोहिणी वर्मा, उर्मिला भगत, रोशनी, विजय शंकर कश्यप, मीना सिंह, ममता कपूर, मीना शर्मा, जमुनाबाई, लक्ष्मी मेनन एवं विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल रहे।
कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विभिन्न विधायक, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार और मीडिया प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
फिल्म की यह विशेष स्क्रीनिंग केवल एक सिनेमाई आयोजन नहीं रही, बल्कि सेवा, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता को समर्पित उन गुमनाम योद्धाओं को सम्मान देने का भावनात्मक अवसर बन गई, जिन्होंने कठिनतम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।


