लोकार्पण कार्यक्रम में प्रोटोकॉल उल्लंघन पर निगम में मचा हड़कंप, प्रभारी सचिव को थमाया गया कारण बताओ नोटिस



महापौर और सभापति को आमंत्रण नहीं दिए जाने का मामला, तीन दिन में मांगा गया जवाब
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा में आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के आरोपों के बीच निगम आयुक्त द्वारा प्रभारी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से मामला चर्चा का विषय बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में नगर निगम द्वारा आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम में माननीय सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, लेकिन कार्यक्रम के आयोजन एवं आमंत्रण प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि कार्यक्रम में नगर निगम की प्रथम नागरिक मानी जाने वाली महापौर तथा निगम सभापति को विधिवत आमंत्रित नहीं किया गया। इस तथ्य के सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
निगम आयुक्त द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया गया है कि कार्यक्रम के आयोजन में निर्धारित प्रोटोकॉल एवं प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों की गरिमा और पद की मर्यादा प्रभावित हुई है। नोटिस में इसे प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रभारी सचिव से तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना प्रशासनिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसी चूकें भविष्य में बड़े विवाद का कारण बन सकती हैं।
वहीं, मामले के सामने आने के बाद निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और कार्यक्रमों के समन्वय को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की निगाहें प्रभारी सचिव द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई और मामले की दिशा तय होगी।
सूत्रों का मानना है कि यह मामला केवल एक आमंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान, प्रशासनिक जवाबदेही और प्रोटोकॉल व्यवस्था से जुड़ा विषय बन चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।


