केंद्रीय ओबीसी सूची में रावत जाति को शामिल करने की मांग तेज, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष से मिला यादव समाज का प्रतिनिधिमंडल



“सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों का सवाल, अब सांसदों तक पहुंचेगी मुहिम”
Tirentra Time’s Korba**//**// रायपुर, 8 जून। छत्तीसगढ़ में रावत जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति से रायपुर स्थित राज्य अतिथि गृह पहुना में सौजन्य भेंट कर अपनी लंबे समय से लंबित मांग को प्रमुखता से रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग की अध्यक्ष को बताया कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज के बड़ी संख्या में परिवार रावत उपनाम का उपयोग करते हैं, लेकिन केंद्रीय ओबीसी सूची में नाम शामिल नहीं होने के कारण समाज के युवाओं, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार की नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में आरक्षण और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। इसका सीधा असर समाज के हजारों प्रतिभाशाली युवक-युवतियों के भविष्य पर पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने संबंधी अनुशंसा पहले ही भारत सरकार को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण मुद्दा है।
प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि समाज वर्षों से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है और अब केंद्र सरकार से सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय की अपेक्षा कर रहा है। समाज का मानना है कि रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किए जाने से हजारों युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त होंगे।
इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद भी मौजूद रहे। उन्होंने समाज की मांग को न्यायसंगत बताते हुए इस दिशा में आवश्यक पहल किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
सांसदों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन, चलेगा जनजागरण अभियान
यादव समाज ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए आगे की रणनीति तय करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मांग को मजबूती से उठाएगा।
समाज के पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सभी सांसदों का समर्थन प्राप्त करने के साथ-साथ समाज का प्रतिनिधिमंडल नियमित रूप से नई दिल्ली जाकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग एवं संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करे, ताकि रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को प्रभावी ढंग से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह यादव, प्रदेश सचिव सुंदर लाल यादव, भगवती यादव, लोमश यादव, तीरथ यादव, भानु यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
समाज का संदेश
“जब तक रावत जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल नहीं किया जाता, तब तक समाज संगठित होकर संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।”


