सुनालिया चौक बना ‘जाम चौक’! हर शाम थम जाती है शहर की रफ्तार, आखिर यातायात विभाग कब जागेगा?



अतिक्रमण, बेतरतीब पार्किंग और ढीली व्यवस्था से रोज जूझ रहे हजारों लोग, मिनटों का सफर घंटों में तब्दील
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल सुनालिया चौक अब यातायात व्यवस्था की बदहाली का प्रतीक बनता जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि शाम होते ही यहां सड़कें वाहनों के दबाव से जाम हो जाती हैं और लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रोज एक ही समय पर जाम लग रहा है, समस्या सभी को दिखाई दे रही है, तब भी यातायात विभाग और जिम्मेदार एजेंसियां आखिर स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रही हैं?
सुनालिया चौक से लेकर शारदा विहार तिराहा तक प्रतिदिन लंबी वाहनों की कतारें लग जाती हैं। दोपहिया, चारपहिया, ऑटो और भारी वाहन एक-दूसरे में इस तरह उलझ जाते हैं कि कुछ मिनट की दूरी तय करने में आधा घंटा से अधिक समय लग जाता है। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि वाहन चालक चाहकर भी पीछे नहीं लौट पाते।
हर दिन एक जैसा नजारा, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई आकस्मिक समस्या नहीं है, बल्कि रोज की कहानी बन चुकी है। शाम के समय सड़क किनारे अतिक्रमण कर लगे ठेले, दुकानों के सामने खड़े वाहन और सड़क पर ही की जा रही पार्किंग यातायात को संकरा कर देती है। इसके बावजूद न तो अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई देती है और न ही अवैध पार्किंग पर सख्ती।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, तो फिर यातायात प्रबंधन की कोई ठोस रणनीति क्यों नजर नहीं आती?
ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद नहीं बदल रही तस्वीर
क्षेत्र में कई बार यातायात पुलिस के जवान भी तैनात रहते हैं, लेकिन जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि यदि नियमित रूप से पार्किंग व्यवस्था नियंत्रित की जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और पीक ऑवर में विशेष यातायात प्रबंधन किया जाए तो काफी हद तक राहत मिल सकती है।
राहगीरों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
जाम का सबसे ज्यादा असर रोजाना कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ जाती है।
जनता पूछ रही—कब मिलेगा जाम से छुटकारा?
सुनालिया चौक पर हर दिन लगने वाला जाम अब लोगों के धैर्य की परीक्षा लेने लगा है। नागरिकों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्थाओं और दिखावटी कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत है कि यातायात विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ठोस कार्ययोजना बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करें।
जब हर दिन जाम लगने का समय तय है, कारण भी सबको पता हैं, तो फिर समाधान की दिशा में प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे? यह सवाल अब शहर की जनता खुलकर पूछने लगी है।


