विश्व पर्यावरण दिवस पर कुदमुरा में हरित संकल्प, भारत भवन परिसर में हुआ स्वच्छता अभियान और पौधारोपण



वन विभाग, महिला स्वसहायता समूह और ग्रामीणों ने मिलकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत लगाए फलदार पौधे
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कोरबा जिले के ग्राम कुदमुरा स्थित भारत भवन परिसर में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विशेष अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग की टीम, महिला स्वसहायता समूह की सदस्याओं तथा ग्रामीणजनों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए स्वच्छता और हरित विकास का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत भवन परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान से हुई। इस दौरान परिसर एवं आसपास बिखरे प्लास्टिक कचरे तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर उनका उचित निस्तारण किया गया। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा लोगों को स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था। स्वच्छता अभियान में महिलाओं, वनकर्मियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में योगदान दे सकें।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान किया जा सकता है।
कार्यक्रम में महिला स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्याएं, जनप्रतिनिधि, परिक्षेत्र अधिकारी कुदमुरा, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने यह संदेश दिया कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक दिवस का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जनभागीदारी की प्रक्रिया है। सभी ने मिलकर हरित, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
“एक पेड़ माँ के नाम — प्रकृति के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी।”


