August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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नन्ही कलाकार जान्हवी की अद्भुत प्रतिभा ने बटोरा ध्यान, चित्रकला शिविर में 5 मिनट में उकेरा गुरुजी का सजीव चित्र

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संस्कार भारती की दस दिवसीय कला कार्यशाला में बच्चों का उमड़ा उत्साह, तीसरे दिन रचनात्मकता और प्रतिभा का दिखा अनूठा संगम
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कटघोरा। संस्कार भारती इकाई कटघोरा द्वारा आयोजित दस दिवसीय चित्रकला प्रशिक्षण कार्यशाला में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा निरंतर निखरकर सामने आ रही है। कार्यशाला के तीसरे दिन कला साधना और सृजन का ऐसा मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जिसने उपस्थित अतिथियों और प्रशिक्षकों को भी प्रभावित कर दिया।
प्रतिदिन की भांति प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ प्रातः 8 बजे हुआ। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले संस्कार भारती के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा भारतीय संस्कृति और कला परंपरा के संरक्षण का संकल्प लिया। इसके पश्चात बच्चों को चित्रकला की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। सुबह 10:30 बजे तक चले सत्र में प्रतिभागी बच्चों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर साकार किया।

 

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पी.एन. योगी उपस्थित रहे। उनके साथ कार्यक्रम संयोजक शिवशंकर जायसवाल, आयोजन समिति अध्यक्ष हेमलता सिदार, शिव दुबे, लक्ष्मी गर्ग, विनय सिंह, भारत भूषण साहू, भवानी सर, आशीष सर, उमेश्वरी टेकाम, प्रतिमा केवट, शालू पात्र सहित मास्टर ट्रेनर संदीप कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला का सबसे आकर्षक क्षण उस समय सामने आया जब मात्र 7 वर्षीय बालिका जान्हवी जायसवाल ने अपनी असाधारण चित्रकारी प्रतिभा का परिचय देते हुए मास्टर ट्रेनर एवं चित्रकार संदीप कुमार का चित्र महज पांच मिनट में तैयार कर दिया। नन्ही कलाकार द्वारा बनाए गए इस चित्र की सटीकता, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। उपस्थित लोगों ने जान्हवी की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संस्कार भारती के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में छिपी कलात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें भारतीय कला एवं संस्कृति से जोड़ना है। यही कारण है कि कटघोरा ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंच रहे हैं।
कार्यशाला के तीसरे दिन का आयोजन उत्साह, अनुशासन और रचनात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। बच्चों की बढ़ती भागीदारी और कला के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण शिविर क्षेत्र में नई कलात्मक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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