समय पर खाद-बीज और आधुनिक तकनीक का मिला साथ, किसान महेंद्र राजपूत ने लिखी समृद्ध खेती की नई कहानी



सहकारी समिति की सुचारू व्यवस्था से आसान हुई खरीफ की तैयारी, नैनो उर्वरकों से बढ़ा उत्पादन और घटी लागत
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा,02 जून 2026 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की पहल का लाभ जिले के हजारों किसानों को मिल रहा है। कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से खाद एवं बीज की सहज उपलब्धता ने किसानों की खरीफ सीजन की तैयारियों को नई गति दी है।
इसी कड़ी में कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला निवासी प्रगतिशील कृषक महेंद्र सिंह राजपूत आधुनिक कृषि पद्धतियों और शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेकर खेती में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहे हैं। लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि में खेती करने वाले महेंद्र सिंह राजपूत वर्षों से कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं और इस बार खरीफ सीजन की तैयारी को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं।
सहकारी समिति बनी किसानों का भरोसेमंद सहारा
महेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि खरीफ सीजन शुरू होते ही किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर रहती है, लेकिन इस वर्ष सहकारी समिति छुरीकला में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध होने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि समिति प्रबंधन द्वारा व्यवस्थित तरीके से वितरण किया जा रहा है, जिससे किसानों को समय पर आवश्यक कृषि सामग्री मिल रही है और वे बिना किसी बाधा के खेती की तैयारी पूरी कर पा रहे हैं। इससे किसानों का समय भी बच रहा है और उन्हें बाजार में भटकना भी नहीं पड़ रहा।

नैनो उर्वरकों ने बढ़ाई पैदावार, खेती हुई अधिक लाभकारी
महेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग किया है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन आधुनिक उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, पौधों की गुणवत्ता में सुधार आया है तथा उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक कम मात्रा में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं, जिससे लागत में कमी आई है और किसानों को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। साथ ही इनका उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भूमि की गुणवत्ता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है।
सरकारी योजनाओं से बढ़ा किसानों का आत्मविश्वास
महेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं खेती को पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बना रही हैं। खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, कृषि आदानों का व्यवस्थित वितरण तथा किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ अब गांवों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में अब पहले जैसी अनिश्चितता नहीं रही। सरकार की बेहतर व्यवस्थाओं के कारण किसान समय पर तैयारी कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि करने के अवसर भी बढ़े हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
कृषकों को समय पर कृषि संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कृषि उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिल रहा है।
महेंद्र सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की जरूरतों को समझते हुए बनाई गई योजनाओं और व्यवस्थाओं ने खेती में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह किसानों को समय पर संसाधन और तकनीकी सहयोग मिलता रहा तो कृषि क्षेत्र में और अधिक प्रगति होगी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत होती जाएगी।
“आधुनिक कृषि तकनीक और समय पर उपलब्ध संसाधनों ने बदली किसान की तस्वीर, खेती बनी अधिक लाभकारी और सुविधाजनक”


