6 हजार लीटर डीजल चोरी पर उठे बड़े सवाल: क्या अंदरूनी मिलीभगत के बिना संभव है इतनी बड़ी वारदात? पुलिस जांच के दायरे में कई पहलू



मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, लेकिन क्षेत्र में चर्चा—आखिर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर कैसे निकाला गया हजारों लीटर डीजल?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा/दीपका
एसईसीएल की गेवरा परियोजना से हजारों लीटर डीजल चोरी के मामले में दीपका पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में आम लोगों के बीच चर्चा है कि इतनी बड़ी मात्रा में डीजल की चोरी केवल बाहरी लोगों के बूते पर संभव नहीं लगती और पूरे मामले में अंदरूनी सहयोग या सुरक्षा व्यवस्था की चूक की भी जांच होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार, गेवरा परियोजना से लगभग 6 हजार लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। हाल ही में पुलिस ने फरार चल रहे नवीन कश्यप, शब्बीर मेमन और परमेश्वर सारथी को जांजगीर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग कथित तौर पर वारदात में किया गया था।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि एसईसीएल जैसी संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाली परियोजनाओं में हजारों लीटर डीजल की निकासी और परिवहन बिना किसी की नजर में आए कैसे हो गया? यही सवाल अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का मानना है कि मामले की जांच केवल चोरी करने वालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं सुरक्षा तंत्र, निगरानी व्यवस्था या अन्य स्तरों पर कोई लापरवाही अथवा संभावित संलिप्तता तो नहीं रही।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस पहले ही इस प्रकरण में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब तक कुल 12 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बावजूद क्षेत्र में यह मांग उठ रही है कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और गहन जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चोरी की इतनी बड़ी वारदात के पीछे केवल आरोपी थे या फिर किसी अन्य स्तर पर भी सहयोग मिला था।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस बहुचर्चित डीजल चोरी कांड के पीछे पूरा तंत्र क्या था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।


