डिजिटल जनगणना में कोरबा ने रचा इतिहास: समय-सीमा से पहले शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण, 25 सौ से अधिक कार्मिकों की मेहनत लाई रंग



देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण में कोरबा जिले ने दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धि, 10,669 परिवारों ने स्व-गणना के माध्यम से ऑनलाइन दी जानकारी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा,01 जून 2026
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और प्रशासनिक टीम की सतत निगरानी में कोरबा जिले ने डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया है। जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने घर-घर पहुंचकर आंकड़ों का सफलतापूर्वक संकलन किया, जिससे कोरबा प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।
जिले के सभी छह नगरीय निकायों, नगर पालिक निगम कोरबा के सातों जोनों, नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा एवं बांकीमोंगरा तथा नगर पंचायत पाली एवं छुरीकला सहित सभी 12 तहसीलों में जनगणना का कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया गया। प्रगणकों ने प्रत्येक घर तक पहुंचकर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों की पहचान की और आवश्यक जानकारियों का डिजिटल रूप से संग्रहण किया।
डिजिटल तकनीक से बदली जनगणना की तस्वीर
भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के अंतर्गत प्रगणकों ने अत्याधुनिक “एचएलओ ऐप” का उपयोग करते हुए भवनों एवं परिवारों से जुड़ी 33 महत्वपूर्ण जानकारियां सीधे ऑनलाइन दर्ज कीं। इनमें भवन की स्थिति, मूलभूत सुविधाएं, निर्माण सामग्री, खाद्यान्न की उपलब्धता, टीवी, इंटरनेट, मोबाइल फोन, वाहन सहित अन्य सामाजिक एवं आर्थिक सूचनाएं शामिल रहीं।
प्रगणकों द्वारा दर्ज की गई जानकारी रियल टाइम में सुपरवाइजरों तक पहुंची, जहां उसका सत्यापन कर मुख्य सर्वर पर अपलोड किया गया। इस डिजिटल व्यवस्था से आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा भविष्य में विकास योजनाओं के लिए आवश्यक डेटा तेजी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
नगर निगम कोरबा ने हासिल किया प्रदेश में प्रथम स्थान
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के नेतृत्व में निगम क्षेत्र के सातों जोनों में जनगणना कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की गई। परिणामस्वरूप नगर पालिक निगम कोरबा ने पूरे प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य सबसे पहले पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
हर स्तर पर हुई सतत निगरानी
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला जनगणना अधिकारी द्वारा संपूर्ण प्रक्रिया पर निरंतर नजर रखी गई। जिले के 24 चार्ज अधिकारियों, प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। सभी तहसीलदारों, जोन कमिश्नरों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को सफलता तक पहुंचाया।
राज्य शासन द्वारा अधिकृत नोडल अधिकारी श्री बैद्यनाथ ने भी विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कार्यों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। वहीं जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम ने तकनीकी समस्याओं एवं शंकाओं का त्वरित समाधान कर कार्य को निर्बाध बनाए रखा।
भीषण गर्मी में 2,591 कार्मिकों ने निभाई राष्ट्रीय जिम्मेदारी
जनगणना अभियान की सफलता के पीछे जिले के 2,215 प्रगणकों एवं 376 सुपरवाइजरों सहित कुल 2,591 जनगणना कार्मिकों का अथक परिश्रम रहा। इन कार्मिकों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण गर्मी के बावजूद गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों तक पहुंचकर जानकारी संकलित की।
उनकी मेहनत और समर्पण के चलते जिले के 2,078 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य निर्धारित समय से पहले पूर्ण किया जा सका। यह उपलब्धि प्रशासनिक समन्वय, तकनीकी दक्षता और जमीनी स्तर की सक्रिय भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
स्व-गणना में भी नागरिकों ने दिखाई जागरूकता
जनगणना अभियान के दौरान जिले के 10,669 परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का उपयोग करते हुए स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई। नागरिकों की इस सक्रिय भागीदारी को प्रशासन ने जन-जागरूकता और नागरिक कर्तव्यबोध का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
कलेक्टर ने जताया आभार, दी शुभकामनाएं
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने जनगणना अभियान से जुड़े सभी 2,591 प्रगणकों, सुपरवाइजरों, 24 चार्ज अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके समर्पण और जिम्मेदार कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा जिलेवासियों का भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कलेक्टर ने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे जिले की सामूहिक सफलता है, जिसने राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण कर कोरबा को नई पहचान दिलाई है।


