संतों के सम्मान पर सियासी संग्राम: विहिप-बजरंग दल का उग्र विरोध, टीपी नगर चौक पर पुतला दहन कर जताया तीखा आक्रोश



‘सनातन आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं’— कार्यकर्ताओं की हुंकार, संत समाज के सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। हिंदू संतों और धर्माचार्यों को लेकर कथित विवादित टिप्पणियों के विरोध में सोमवार को कोरबा के टीपी नगर चौक में माहौल गर्मा गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के बैनर तले बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं चरणदास महंत और भूपेश बघेल के प्रतीकात्मक पुतलों का दहन किया तथा जोरदार नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि संत-महात्मा भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों के आधार स्तंभ हैं। उनके प्रति किसी भी प्रकार की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती है और हिंदू समाज इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।
टीपी नगर चौक पर गूंजे विरोध के स्वर
विरोध प्रदर्शन के दौरान टीपी नगर चौक पर बड़ी संख्या में विहिप, बजरंग दल और हिंदू समाज के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और संगठन के ध्वज लिए कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया।

वक्ताओं ने कहा कि संत समाज केवल धार्मिक मार्गदर्शक ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक चेतना के संवाहक हैं। ऐसे में उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी बात का लोकतांत्रिक और वैचारिक स्तर पर विरोध किया जाएगा।
धर्म और आस्था के मुद्दे पर एकजुटता का प्रदर्शन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि हिंदू समाज अपनी आस्था, परंपराओं और संतों के सम्मान को सर्वोपरि मानता है। उन्होंने कहा कि समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयानों के खिलाफ जनजागरण और विरोध का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वक्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संत समाज के सम्मान और सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा को व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक जीवन के लोगों को संयम और मर्यादा का पालन करना चाहिए।
भविष्य में भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में भी हिंदू संतों, धर्माचार्यों या सनातन परंपराओं को लेकर कोई विवादित टिप्पणी सामने आती है तो उसका लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अपनी आस्था के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव संगठित और जागरूक रहेगा।
प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल तथा हिंदू समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
“कोरबा में संत सम्मान के मुद्दे पर विहिप-बजरंग दल का शक्ति प्रदर्शन, पुतला दहन कर दर्ज कराया विरोध; धर्म और आस्था के सम्मान को लेकर उठी मुखर आवाज”


