August 14, 2026

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वनांचल में गूंजा जल संरक्षण का संदेश: एकल अभियान ने श्रद्धा और जनजागरण के साथ मनाया “नदी पूजन दिवस”

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गांव-गांव में नदी, तालाब और जल स्रोतों की हुई पूजा, ग्रामीणों ने लिया जल-जंगल-जमीन बचाने का संकल्प
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**/*  कोरबा,25 मई 2026
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर एकल अभियान अंचल कोरबा द्वारा सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में “नदी पूजन दिवस” अत्यंत श्रद्धा, आस्था और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। कार्यक्रम ने केवल धार्मिक आयोजन का रूप ही नहीं लिया, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का मजबूत संदेश भी पूरे वनांचल क्षेत्र में पहुंचाया।
एकल अभियान के गतिविधि विभाग के मार्गदर्शन में संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत एकल विद्यालयों से जुड़े विभिन्न ग्रामों में नदी, तालाब, कुएं, हैंडपंप, बोर एवं अन्य जल स्रोतों का विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्यों द्वारा गांवों में दीवार लेखन कर “जल-जंगल-जमीन बचाओ” जैसे प्रेरणादायी संदेशों से की गई, जिसने ग्रामीणों के भीतर पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई चेतना जगाई।
ग्राम समितियों, ग्राम प्रमुखों, सत्संग प्रमुखों, आचार्यों एवं एकल अभियान के कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई गांवों में पारंपरिक लोक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई तथा जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे अपने गांवों के नदी-तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों की रक्षा करेंगे, जल की बर्बादी रोकेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण छोड़ने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
एकल अभियान के कार्यकर्ताओं ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि “नदी पूजन दिवस” केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को माता का स्वरूप माना गया है और जल स्रोत सदियों से ग्राम जीवन की आत्मा रहे हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि वर्तमान समय में बढ़ते जल संकट, पर्यावरण प्रदूषण और जल स्रोतों के लगातार घटते स्तर को देखते हुए समाज को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। यदि आज जल संरक्षण को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
एकल अभियान अंचल कोरबा द्वारा शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य, ग्राम विकास एवं सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। “नदी पूजन दिवस” के माध्यम से ग्रामीण समाज को अपनी संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं से जोड़ने का यह प्रयास लोगों के बीच चर्चा और प्रेरणा का केंद्र बना रहा।
सुदूर वनांचल क्षेत्रों में आयोजित इस विशेष अभियान ने ग्रामीण समाज में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया। कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, पेड़-पौधों की रक्षा करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
एकल अभियान की यह पहल बनी प्रेरणा का केंद्र
वनांचल क्षेत्रों में “नदी पूजन दिवस” का यह आयोजन संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। एकल अभियान अंचल कोरबा की यह पहल आज ग्रामीण समाज में प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रेरणादायी उदाहरण बनती जा रही है।

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