सीएसईबी कॉलोनी के जर्जर क्वार्टर बने अपराधियों का अड्डा! शराबखोरी-गांजा, सिरिंज और चोरी से दहशत — पार्षद राकेश वर्मा का फूटा गुस्सा, कलेक्टर से तत्काल ध्वस्तीकरण की मांग



आधे-अधूरे तोड़े गए मकानों में दिन-दहाड़े असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, छह महीने से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं — रहवासियों में भय और आक्रोश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा पूर्व स्थित डॉ. श्यामा मुखर्जी ताप विद्युत गृह अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (सीएसईबी) की कॉलोनी क्रमांक-3 इन दिनों अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही है। वार्ड क्रमांक-21 में स्थित कई जर्जर और आधे-अधूरे तोड़े गए क्वार्टर अब असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का अड्डा बन चुके हैं। कॉलोनी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और रहवासियों में फैलते भय के माहौल को देखते हुए वार्ड क्रमांक-21 के पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पार्षद राकेश वर्मा ने अपने पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कॉलोनी के कई मकानों को आधा तोड़कर छोड़ दिया गया है। इन खंडहर बन चुके क्वार्टरों में अब दिन-दहाड़े असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। यहां शराबखोरी, गांजा सेवन, सिरिंज का इस्तेमाल और देर रात तक हल्ला-गुल्ला जैसी गतिविधियां आम हो गई हैं। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि कॉलोनी में रहने वाले परिवारों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इन जर्जर मकानों की वजह से चोरी की घटनाओं में भी तेजी से इजाफा हुआ है। रात के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ने से लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। कई परिवारों ने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
पार्षद वर्मा ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर सीएसईबी प्रबंधन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन लगभग छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रबंधन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा हो।
इसी के चलते पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने कलेक्टर से मांग की है कि कॉलोनी में मौजूद सभी क्षतिग्रस्त और आधे-अधूरे टूटे मकानों को तत्काल पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि जब तक इन जर्जर ढांचों को पूरी तरह हटाया नहीं जाएगा, तब तक अपराधियों के अड्डों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
कॉलोनीवासियों का भी साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस समस्या पर कठोर और त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो किसी बड़ी आपराधिक घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीएसईबी कॉलोनी को अपराध मुक्त बनाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप कर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि रहवासियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके


