August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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ढपढप में आस्था और सेवा का महाआयोजन : पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा के बीच 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याओं का होगा सामूहिक विवाह

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27 मार्च को भव्य कलश यात्रा से शुरुआत, 28 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा, अंतिम दिन नवदंपत्तियों को मिलेगा संतों का आशीर्वाद
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//** कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र स्थित ग्राम ढपढप में इस वर्ष धर्म, आस्था और सामाजिक सेवा का भव्य संगम देखने को मिलेगा। यहां अपना आश्रम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे दिव्य धार्मिक महोत्सव के दौरान 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। यह पुण्य आयोजन 01 अप्रैल 2026 को विश्व विख्यात कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) के पावन सानिध्य में संपन्न होगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा, कोरबा में नम: सामूहिक विवाह का सफल आयोजन किया गया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार आयोजन को और अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग कन्याओं को सम्मानपूर्वक विवाह के माध्यम से नए जीवन की शुरुआत कराने का अवसर प्रदान करना है।
कलश यात्रा के साथ होगा धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ
इस भव्य आयोजन की शुरुआत 27 मार्च 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, श्रद्धालु और धर्मप्रेमी शामिल होकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का निर्माण करेंगे। कलश यात्रा के माध्यम से पूरे इलाके में भक्ति और आस्था का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
28 मार्च से गूंजेगी श्री हनुमंत कथा
कलश यात्रा के बाद 28 मार्च से 01 अप्रैल तक छह दिवसीय श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा। इस कथा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे। कथा के दौरान प्रदेश सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम दिन होगा 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह
धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 108 दिव्यांग और निर्धन कन्याएं अपने मनपसंद जीवनसाथियों के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह बंधन में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करेंगी। इस अवसर पर संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया जाएगा।
समाज सेवा का बड़ा अभियान
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी एवं मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 कन्याओं का पंजीयन हो चुका है और पंजीयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और ईश्वरीय कृपा से इस बार यह आयोजन और अधिक व्यापक रूप में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद कन्याओं को सम्मानपूर्वक विवाह के माध्यम से नया जीवन देना समाज सेवा का सबसे बड़ा कार्य है। इस आयोजन के माध्यम से न केवल बेटियों के जीवन में खुशियां आएंगी, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी प्रसारित होगा।

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