सहायक शिक्षक भर्ती पर सियासी घमासान : केदार कश्यप का पलटवार—‘कांग्रेस ने बिगाड़ा तंत्र, अब अभ्यर्थियों को भड़का रही है’


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**रायपुर, 19 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने सहायक शिक्षक भर्ती-2023 को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को सेंट्रल जेल पहुंचकर कांग्रेस नेता आंदोलित अभ्यर्थियों को “गुमराह” कर रहे हैं और इसे उन्होंने “ओछी राजनीति” करार दिया।
मंत्री कश्यप ने कहा कि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने प्राथमिक शालाओं में बी.एड. अभ्यर्थियों को प्रवेश देकर डी.एड. डिप्लोमाधारकों के भविष्य को संकट में डाल दिया था। जब डी.एड. अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, तो उन पर एफआईआर दर्ज की गई, जिससे उनके सरकारी नौकरी पाने की संभावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा।
“राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह सजग”
श्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के पाँचवें चरण में 2621 बी.एड. योग्यताधारी शिक्षकों के स्थान पर डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया गया।
उन्होंने बताया कि 2615 पदों पर अवसर प्रदान किया गया, जिनमें से 1319 अभ्यर्थी पात्र पाए गए और उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। शेष 1302 रिक्त पदों के लिए मेरिट के निचले क्रम के अभ्यर्थी छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं।
कटऑफ और गुणवत्ता पर जोर
मंत्री कश्यप ने कहा कि पाँचवें चरण में सामान्य वर्ग का कटऑफ रैंक 6666, अनुसूचित जाति का 10990, अनुसूचित जनजाति का 72852 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग का 9193 रहा है। यदि छठवें चरण की सूची जारी की जाती है, तो कटऑफ रैंक और नीचे जाने की संभावना है—सामान्य 10324, अनुसूचित जाति 12697, अनुसूचित जनजाति 78002 और अन्य पिछड़ा वर्ग 11499 तक।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक निचले रैंक के अभ्यर्थियों की नियुक्ति से शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। “सरकार किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता नहीं करेगी,” उन्होंने दोहराया।
नई भर्ती प्रक्रिया जारी
मंत्री कश्यप ने बताया कि सीधी भर्ती 2023 की परीक्षा को दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है और हजारों नए योग्य अभ्यर्थी नई परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में विभाग द्वारा 4708 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 2000 पद सहायक शिक्षकों के हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नए और अधिक योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सहायक शिक्षक भर्ती-2023 का मुद्दा अब प्रदेश की सियासत का केंद्र बन गया है, जहां एक ओर कांग्रेस सरकार पर अन्याय का आरोप लगा रही है, तो वहीं सरकार गुणवत्ता और न्यायालयीन निर्देशों के पालन की बात कह रही है।

