महिला बुनकरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बांकी मोंगरा में महिला बुनकर सहकारी समितियों के नेतृत्व एवं क्षमता विकास पर एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण संपन्न






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** बांकी मोंगरा महिला बुनकरों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मां नीरा हाथकरघा बुनकर सहकारी समिति, बांकी मोंगरा के कार्यालय में महिला बुनकर सहकारी समितियों के नेतृत्व विकास एवं क्षमता विकास विषय पर एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बुनकरी कार्य से जुड़ी महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उनका अधिकतम लाभ दिलाना रहा।

कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए बुनकरी कार्य को बढ़ावा दे रही है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ सकें। इसी कड़ी में बुनकरों को बुनकर आवास योजना, मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, आसान बैंक ऋण सुविधा, UDYAM पंजीयन, ZED कार्ड एवं बुनकर कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस गरिमामय आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में विजय कुमार राठौर जी, जिला अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मी प्रसाद देवांगन जी, जिला संयोजक बुनकर प्रकोष्ठ एवं सहकारी सोसायटी अध्यक्ष बांकी मोंगरा ने की। विशेष रूप से सहकारी प्रशिक्षण केन्द्र रायपुर से पहुंचे ईश्वर बघेल जी (मंडल मंत्री, जवाली मंडल) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को मार्गदर्शक स्वरूप प्रदान किया।
प्रशिक्षण सत्र में पी. एल. सोनी जी (व्याख्याता), राजेश साहू जी (व्याख्याता) एवं एस. के. पटेल जी (व्याख्याता) ने सहकारी समितियों के संचालन, नेतृत्व कौशल, वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं की प्रक्रिया एवं बुनकरों के अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही राजकुमारी चौहान जी की उपस्थिति में महिलाओं को आत्मविश्वास एवं संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में कोलिहामुड़, अरदा, देवगांव, चाकाबुड़ा, बुंदेली, दीपका, सलिहापारा, तिलवारी एवं बांकी मोंगरा सहित ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में बुनकर महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं में सीखने की उत्सुकता और आत्मनिर्भर बनने का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
अंत में अतिथियों ने महिला बुनकरों से आह्वान किया कि वे सहकारी समितियों के माध्यम से एकजुट होकर कार्य करें, शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं और बुनकरी को आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाएं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल के रूप में संपन्न हुआ।





